झारखण्ड एसपी के हत्यारे और 25 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

Feb 08 2019 09:02 AM
झारखण्ड एसपी के हत्यारे और 25 लाख के इनामी नक्सली ने किया सरेंडर

रांची: झारखंड के गिरिडीह जिले में प्रतिबंधित नक्सली संगठन भाकपा माओवादी के बिहार-बंगाल स्पेशल एरिया कमेटी के मेंबर और 25 लाख रुपये के इनामी नक्सली बलवीर महतो ने सरेंडर कर दिया है। गिरिडीहनगर थाना इलाके के पुलिस लाइन में आयोजित किए गए एक कार्यक्रम के दौरान कुख्यात नक्सली बलबीर महतो उर्फ रौशन दा उर्फ विपुल दा ने गुरुवार को आत्मसमर्पण किया। 

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इस दौरान डीआईजी पंकज काम्बोज, गिरिडीह एसपी सुरेंद्र झा सहित कई अन्य पुलिस कर्मी उपस्थित थे। सरेंडर के बाद प्रशासन के द्वारा उसे दो लाख रुपये का चेक प्रदा किया गया। बलवीर के अनुसार, जो लालच देकर लोगों को नक्सली संगठन में लाया जाता हैं, वहां वैसी कोई सुविधा उन्हें प्रदान नहीं की जाती हैं। बीमार होने पर भी संगठन कोई ध्यान नहीं रखता है। पुलिस को दिए गए तीन पन्ने के लिखित बयान में बलबीर ने बताया है कि, वो बिना किसी डर या दबाव के सरेंडर कर रहा है। उसने बयान में लिखा है कि सीपीआई माओवादी में आने से पहले घर की माली हालत ठीक नहीं रहने के चलते 1999 में मुंबई काम के लिए गया था। यहां पांच साल तक होटल में वेटर का काम किया। इस दौरान किसी से विवाद हुआ तो वापस घर आ गया।

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आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली बलबीर पर पाकुड़ के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अमरजीत बलिहार की हत्या का मुख्य सूत्रधार होने, गिरिडीह कैदी वाहन ब्रेक में शामिल होने, सारंडा जंगल एनकाउंटर सहित लगभग दो दर्जन मामलों में शामिल होने का आरोप है। बलवीर ने अपने बयान में लिखा है कि 2006 में सोनो थाना के दो ट्रैक्टर जलाने की वारदात और चडका पत्थगर गांव के चौकीदार की हत्या में भी मैं शामिल था। उसने बताया कि वर्ष 2015 में दो बार संथाल परगना में गाड़ी जलाई, वर्ष 2016 में कैडा पहाड़ी गांव में पुलिस की गाड़ी को फूंक दिया, वर्ष 2017 में देवघर के पोखरिया गांव सुनील पहाड़िया के मर्डर भी किया।

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