ऐसे मिली मुकेश को मोटापे से मुक्ति

नई दिल्ली : हमारे देश में तेजी से बढ़ रहा मोटापा महामारी का रूप लेता जा रहा है. ऐसे ही मोटापे के शिकार धनबाद के कोल मर्चेन्ट मुकेश कुमार भी थे. 40 वर्षीय मुकेश को 2013 में मोटापे ने ऐसा जकड़ा कि उनका वजन 131 किलो हो गया.मोटापे औऱ स्लीप एप्निया की वजह से वे न तो सो पा रहे थे और न ठीक से जी पा रहे थे.कारोबार भी प्रभावित हो रहा था .आखिर एक फैसले ने उनके जीवन की मुस्कान लौटा दी.

उल्लेखनीय है कि मुकेश को मोटापे के कारण तेज आवाज़ वाले खर्राटे आते थे.इससे खुद तो परेशान थे ही यात्रा में सह यात्री भी परेशान हो जाते थे. इसके अलावा वे रात भर सो नहीं पाते थे. जब उनकी नींद का अध्ययन किया गया तो पता चला, कि 6 घंटे 10 मिनट की नींद के दौरान ऑक्सीजन की कमी के कारण 453 बार दिमाग जाग जाता है और ऊंची आवाज वाले 3500 खर्राटे आते हैं. नींद में 1 मिनट 10 सेकंड तक सांस रुकने लगी थी. नींद में सांस रुक जाने की बीमारी ने उन्हें चिंता में डाल दिया. उनका साइज़ 48 हो गया तो उनके नाप के कपड़े मिलना भी मुश्किल हो गए डॉक्टरों ने सांस की नली के ऊपर जमी हुई चर्बी को ऑपरेशन से निकालने या 6 माह में वजन कम करने की सलाह दी.

बता दें कि इसके बाद मुकेश ने बेरियाट्रिक सर्जरी के बारे में पता किया. आखिर एक दिन घर वालों को बिना बताये अपने दोस्त को साथ लेकर बेरियाट्रिक सर्जरी के लिए इंदौर के प्रसिद्ध अस्पताल पहुंचे .यहां के प्रमुख डॉक्टर ने 25 मई 2017 को सर्जरी कर उनकी तकलीफ से निज़ात दिला दी.सर्जरी के तीन दिन बाद मुकेश ने साढ़े चार साल बाद चैन की नींद ली. आज सिर्फ्र 4 महीने में उन्होंने सर्जरी से 33 किलो वजन घटा लिया. अब उनका वजन 98 किलो है औऱ वजन का गिरना लगातार जारी है.अब उनका कारोबार भी प्रगति कर रहा है. एक फैसले ने उनकी निराश ज़िंदगी में मुस्कान लौटा दी.

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