सांसद का विवादित बयान: महिलाओं को घूरना अपराध, लेकिन देखना...

Apr 19 2015 03:01 PM
सांसद का विवादित बयान: महिलाओं को घूरना अपराध, लेकिन देखना...
उत्तर प्रदेश/लखनऊ : आजकल बहुत से नेताओं द्वारा महिलाओं के ऊपर बयान देने की खबरे आ रही है, इन नेताओं के बयानों से तो ऐसा लगने लगा है जैसे महिलाओं पर बयान देने के ठेका इन लोगो ने ही ले रखा है, जनता दल (युनाइटेड) के प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद के. सी. त्यागी महिलाओं को लेकर दिए गये अपने एक विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। यह वाकया हापुड़ के रामा विश्वविद्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम का है। त्यागी ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "महिलाओं को घूरना अपराध है, लेकिन उन्हें देखना सौंदर्य का सम्मान।" त्यागी के इस बयान को लेकर अब महिलाओं ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इस पर त्यागी का कहना है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। कुछ लोग जानबूझकर मामले को तूल दे रहे हैं। 

जब राज्यसभा सांसद यह बयान दे रहे थे उस समय हापुड़ में पिलखुवा के रामा विश्वविद्यालय में शिक्षकों के सम्मान में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं भी मौजूद थीं। यहां अपने भाषण में राज्यसभा सांसद त्यागी ने कहा, "महिलाओं को घूरना अपराध है, लेकिन उन्हें देखना सौंदर्य का सम्मान है। देश के प्राचीन कवियों ने भी महिलाओं के सौंदर्य का वर्णन किया है।" उन्होंने कहा कि संसद भवन में फिल्म अदाकारा और सांसद उनके पीछे बैठती हैं, जिन्हें वह अक्सर देखते रहते हैं। तब हालांकि उनके इस बयान को किसी ने खास तवज्जो नहीं दी, लेकिन बयान चर्चा में आने के बाद आज कई महिला संगठनों ने उनकी कड़ी आलोचना की है, भाजपा महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य लज्जारानी गर्ग ने कहा, "यह बयान त्यागी और उनके दल की मानसिकता को दर्शाता है। 

देश में प्राचीन काल से ही महिलाओं को मां के रूप में देखा गया है। मां के शरीर की सुंदरता नहीं देखी जाती, बल्कि उसका स्नेह देखा जाता है। इस मामले में महिला आयोग और कानून को अपना काम करना चाहिए।" प्रदेश महिला आयोग की सदस्य राज देवी चौधरी ने कहा कि के. सी. त्यागी ने क्या कहा, इसके बारे में अभी उन्हें कुछ पता नहीं है, लेकिन महिलाओं का सम्मान किसी भी स्तर पर कम नहीं होना चाहिए, केसी त्यागी ने हालांकि आज मुद्दे पर सफाई देते हुए कहा, "उन्होंने कुछ गलत नहीं कहा है। कुछ लोग उनके बयान का गलत अर्थ निकालकर जानबूझकर विवाद का मुद्दा बना रहे हैं।"