PM मोदी को है सांसदों की सैलरी बढ़ने पर ऐतराज, क्यों ?

नई दिल्ली : विशेष संसदीय समिति द्वारा सासंदों के वेतन में 100 फीसदी बढ़ोतरी की मांग पर पीएम नरेंद्र मोदी को ऐतराज है। उनका कहना है कि अपनी सैलरी पैकेज के मामले में सांसदों को स्वंय फैसला नहीं करना चाहिए। इसके बदले में उन्होने दूसरा विकल्प सुझाया है।

खबरों के अनुसार, मोदी का कहना है कि सांसदों की सैलरी पर विचार पे कमीशन या फिर उस जैसी ही किसी अन्य बॉडी को करनी चाहिए। हांला कि अब तक इसकी चर्चा पीएमओ में भी नहीं हुई है। मोदी का सुझाव है कि सांसदों की सैलरी को प्रेसिडेंट, वाइस प्रेसिडेंट या कैबिनेट सेक्रेटरी जैसी पोस्ट की सैलरी में होने वाली बढ़ोतरी से लिंक कर देना चाहिए।

सांसदों द्वारा खुद फैसला लेने की बजाए इन टॉप पोस्ट्स पर बैठे लोगों की सैलरी बढ़ाने का जब कभी कोई पे कमीशन फैसला करे, वही कमीशन सांसदों की सैलरी पर भी गौर करे। वित मंत्रालय ने इससे जुड़े प्रपोजल को पास कर दिया। लेकिन इस पर आखिरी मुहर पीएम नरेंद्र मोदी को लगानी है।

विशेष संसदीय समिति ने सांसदों के वेतन को 50 हजार से एक लाख करने की सिफारिश की है। इसके अलावा कंस्टीट्यूएंसी अलाउंस भी 45 हजार से सीधे 90 हजार करने की सिफाकिश की गई है। यदि इसे हरी झंडी दिखा दी जाती है, तो सांसदों का कंप्लीट पैकेज 1,40,000 से सीधे 2,80,000 हो जाएगा।

बता दें कि जिस कमेटी ने ये रेकमेंडेशन किए है, उसके हेड बीजेपी नेता योगी आदित्यनाथ है। इतना ही नहीं पेंशन में भी 75 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया गया है। सिफारिश में तय नक्त के बाद सैलरी का रिवीजन करने की भी सलाह दी गई है। वेतन बढ़ोतरी को लेकर सारे मंत्रालयों को एक कैबिनेट नोटिस भेजा गया है।

उनके अप्रूवल के बाद इसे संसद के सामने रखा जाएगा। पिछले बजट में फाइनेंस मिनिस्टर अरुण जेटली ने लोकसभा सांसदों के लिए 295.25 करोड़ रुपए और राज्यसभा सांसदों के लिए 121.96 करोड़ रुपए का बजट अलॉटमेंट किया था। इसमें ट्रैवल अलाउंस शामिल थे।

इससे पहले सांसदों की सैलरी में वृद्धि 6 साल पहले हुई थी। सांसदो को दी जाने वाली सैलरी में मूल वेतन 50 हजार के अलावा कॉन्स्टिट्यून्सी अलाउंस 45 हजार, सेक्रेटेरियल अलाउंस 45 हजार रुपए, 20 हजार रुपए महीना पेंशन, 2 हजार रुपए डेली अलाउंस भी शामिल है।

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