हार के डर से सरपंच पद के उम्मीदवार ने उठाया बड़ा कदम, बाद में मिली जबरदस्त जीत

रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में 1 जुलाई को हुई वोटिंग से पहले नाटकीय तरीक से गायब हुए गढ़ावदिया के सरपंच प्रत्याशी धूल सिंह गरवाल ने गांव की सरपंची जीत ली है। उन्होंने सबसे अधिक 626 वोट हासिल किए एवं अपने विरोधी को 239 वोटों से पराजित किया। इस जीत के पश्चात् उनके घर पर जश्न का माहौल है। 

दरअसल, गड़ावदिया पंचायत में सरपंच पद का चुनाव लड़ रहा उम्मीदवार धूल सिंह बृहस्पतिवार देर रात अचानक गायब हो गए थे। दिनभर की तलाशी के पश्चात् जब धूल सिंह नहीं लौटे तो घरवालों ने थाने में उनकी गुमशुदगी की शिकायत थाने में दर्ज कराई। विरोधियों के खिलाफ उन्हें गायब करने का इल्जाम लगाया। तहकीकात के चलते पुलिस ने उसके फोन को सर्विलांस पर लगाया तथा उसके कॉल डिटेल निकाले। CCTV की सहायता से उसकी तलाश आरम्भ की गई। पुलिस को धूल सिंह के राजस्थान में होने की खबर प्राप्त हुई। एसडीओपी इटला मौर्य ने कहा कि पुलिस की एक टीम राजस्थान के सांवरियाजी भेजी गई। जहां एक लॉज में गुमशुदा उम्मीदवार धूल सिंह मिला। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि हार के डर से वो भाग गया था। 

बता दें, जिले के गांव गड़ावदिया में 01 जुलाई को उम्मीदवार धूल सिंह गरवाल के गुमशुदा होने की जानकारी फैलते ही समर्थकों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया था। तत्पश्चात, प्रशासन के समझाने और उम्मीदवार को तलाशने का आश्वासन देकर मतदान 03 घंटे बाद आरम्भ करवाया था, किन्तु जब शाम 05 बजे तक उम्मीदवार धूल सिंह का कुछ पता नहीं चल पाया तो गांव वाले आक्रोशित हो गए तथा मतगणना से मना कर दिया। मगर समझाने के बाद जैसे तैसे मतदान पूरा किया गया। मतों की गिनती सोमवार को बाजना जनपद मुख्यालय पर हुई। जिसमें उसने अन्य प्रत्याशियों से अधिक वोट हासिल किए। यहां कुल 6 प्रत्याशी मैदान में थे, जिसमें अमर गरवाल को 21, भंवर डोडियार 387, भेरुलाल गरवाल 21, धूलजी गरवाल 626, हरेंद्र भगौरा 19 सीताराम गामड़ 14 वोट प्राप्त हुए। इस प्रकार से 239 वोट से धूलजी चुनाव जीत गए। 

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