हड़ताल करने वाले जूनियर डॉक्टर्स के खिलाफ लिया जाएगा एक्शन!, देने होंगे 30 लाख रुपए

भोपाल: मध्य प्रदेश में हड़ताल पर गए जूनियर डॉक्टर्स अब तक काम पर वापस नहीं लौटे हैं। आपको पता ही होगा कि हाईकोर्ट के निर्देश आ चुके हैं लेकिन फिर भी जूनियर डॉक्टर्स वापस नहीं लौटे हैं। ऐसे में अब शिवराज सरकार उन पर एक्शन लेने वाली है। जी दरसल नियम को मुताबिक मेडिकल सीट छोड़ने वाले जूनियर डॉक्टर्स को 10 से 30 लाख रुपये का बॉन्ड भरना होगा। अब मेडिकल कॉलेजों के सभी डीन को इसे लेकर आदेश जारी किये जा चुके हैं। इस बारे में जानकारी मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर की तरफ से दी गई है।

आप सभी को बता दें कि सरकार की तरफ से बॉन्ड भरने की चेतावनी जबलपुर मेडिकल कॉलेज द्वारा 468 जूनियर डॉक्टर्स को बर्खास्त करने के बाद दी गई है। वहीँ मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर निशांत वरवड़े का कहना है कि जो भी मेडिकल स्टूडेंट तय समय सीमा के बाद सीट छोड़ देता है उसे बॉन्ड भी शर्तों के मुताबिक पैसों का भुगतान करना होता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि जिन स्टूडेंट्स का ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन में सलेक्शन नीट के जरिए हुआ है, शर्तें न मानने पर बॉन्ड भरना होगा।

आगे उन्होंने यह भी जानकारी दी कि मेडिकल सीट छोड़ने पर जूनियर डॉक्टर्स को 10 लाख और 30 लाख ऑटोनोमस बॉडी को देने होंगे। प्राइवेट मेडिकल और डेंटल कॉलेज की सीट छोड़ने पर पूरी फीस का भुगतान करना होगा। आगे उन्होंने कहा कि जिन स्टूडेंट्स ने साल 2018 में एडमिशन लिया था उन पर यह नियम लागू होगा।

वहीँ दूसरी तरफ मेडिकल एजुकेशन मिनिस्टर विश्वास सारंग ने भी जूनियर डॉक्टर्स से काम पर वापस लौटने की अपील की है। उन्होंने एक ट्वीट किया है जिसमे उन्होंने कहा है कि कोर्ट के निर्देश के मुताबिक डॉक्टर्स को हड़ताल खत्म कर देनी चाहिए साथ ही गठित की गई समित से इस बारे में चर्चा करनी चाहिए।

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