MP स्थापना दिवस : इन राजनेताओं ने किया है मध्यप्रदेश की सत्ता पर राज

MP स्थापना दिवस : इन राजनेताओं ने किया है मध्यप्रदेश की सत्ता पर राज

भोपाल. जब भी एक नवम्बर माह का जिक्र किया जाता है तो मध्यप्रदेश के हर निवासी के मन में एक नवम्बर की तारीख आती है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस दिन को मध्यप्रदेश के स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है. भारत के मध्य में स्थित इस राज्य की स्थापना सन 1956 में  1 नवंबर को ही हुई थी. आइये आज इस प्रसिद्ध राज्य की स्थापना दिवस के अवसर पर हम आपको बताते है कि इस राज्य में पिछले पच्चीस सालों में किन-किन राजनेताओं ने कब-कब मुख्यमंत्री पद का भार संभाला है.

दिग्विजय सिंह

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 7 दिसंबर 1993 के दिन मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी. उन्होंने यह चुनाव भाजपा के सुंदरलाल पटवा को हरा कर जीता था. इसके बाद वे 1 दिसंबर 1998 में दोबारा मुख्यमंत्री बने थे. उनका दूसरा कार्यकाल 7 दिसंबर 2003 में ख़त्म हुआ था.

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उमा भारती


भारतीय जनता पार्टी की नेता उमा भारती ने  8 दिसंबर 2003 में राज्य के सीएम पद की कमान संभाली थी. उन्होंने दस सालों से राज्य में  सत्तारूढ़ पार्टी कांग्रेस को हरा कर इस पद की कमान संभाली थी. उनका कार्यकाल 259 दिन चल कर 23 अगस्त 2004  को खत्म हो गया था. उनके बाद भाजपा के ही बाबूलाल गौर ने इस पद की कमान संभाली थी. 

बाबूलाल गौर 


बाबूलाल गौर ने भी मध्यप्रदेश की बारहवीं विधानसभा के दौरान ही मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी.  उनका कार्यकाल 1 साल, 98 दिन तक चला था. उनका यह कार्यकाल 23 अगस्त 2004 से शुरू होकर  29 नवंबर 2005 में ख़त्म हुआ था. वे इस वक्त मध्यप्रदेश के गोविंदपुरा से विधायक भी है. 

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शिवराज सिंह चौहा

बाबूलाल गौर के बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की कमान शिवराज सिंह चौहान ने संभाली थी. वे  मध्य प्रदेश के 17 वें और वर्तमान मुख्यमंत्री है. उनका पहला कार्यकाल 29 नवंबर 2005 से शुरू होकर 11 दिसंबर 2008  में ख़तम हुआ था. उनका वर्तमान कार्यकाल 13 दिसंबर 2013 में शुरू हुआ था जो अभी तक जारी है. उल्लेखनीय है कि शिवराज सिंह चौहान को मध्यप्रदेश में हुए विकास और किसानों की कर्जमाफी जैसे फैसलों के लिए जाना जाता है. हालाँकि उनपर व्यापम घोटाले जैसे कुछ कलंक भी लग चुके है.  

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