फिल्म रिव्यु : लवशुदा में है पुराना लव ड्रामा

फिल्म रिव्यु : लवशुदा में है पुराना लव ड्रामा

वैसे तो फरवरी प्यार का महीना है. ऐसे में इस महीने सारी प्यार भरी फिल्मे रिलीज हुई इन फिल्मो में आज एक और लव स्टोरी रिलीज हुई. यह फिल्म है गिरीश कुमार की लवशुदा. फिल्म की कहानी है गौरव मेहरा (गिरीश कुमार) की जो अपने जीजा जीजी के साथ लन्दन में रहता है. उसके वही पर ढेर सारे दोस्त है. और गौरव की लन्दन में ही शादी होने वाली है. शादी से पहले वह अपनी बैचलर पार्टी पर जाता है इस दौरान उसकी मुलाकात पूजा मिश्रा (नवनीत कौर ढिल्लन) से होती है और शराब के नशे में वो एक साथ एक घर में ही रुकते है.

लेकिन इन दोनों का वन नाईट स्टैंड एक प्यार की कहानी में तब्दील हो जाता है. फिर कहानी में कई सारे ट्विस्ट आते हैं. लंदन, दिल्ली से होते हुए यह फिल्म शिमला में ख़त्म हो जाती है. आगे क्या होता है यह जानने के लिए आपको यह फिल्म देखनी पड़ेगी. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले खुद डायरेक्टर वैभव मिश्रा द्वारा ही लिखा गया है. इंटरवल से पहले तक तो फिल्म ठीकठाक चलती है लेकिन इंटरवल के बाद फिल्म की कहानी खिंचती दिखाई देने लगती है. फिल्म में वही पुराना मिलना, बिछड़ना, फिर मिलना और फिर इश्क का पनपना. इतना लव ड्रामा काफी बोर करता है.

फिल्म की शुरुआत तो अच्छी थी लेकिन बाद में झेल पाना काफी मुश्किल हो जाता है.फिल्म में गिरीश कुमार का काम काफी बेहतरीन लगा है उन्होंने अपनी पिछली फिल्म से बेहतर काम किया है. वहीं नवनीत कौर ढिल्लन और टिस्का चोपड़ा की एक्टिंग भी बेहतरीन है. सचिन खेडेकर ने पिता के रूप में काफी अच्छा काम किया है. फिल्म में आतिफ असलम का रोमांटिक गाना "कास के" और साथ ही 'पीने की तमन्ना' रिलीज से पहले ही सुपरहिट हो चुके हैं. फिल्म का संगीत अच्छा है और बैकग्राउंड स्कोर भी काफी बेहतरीन है. फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी फिल्म की कहानी है जो बोर करने लगती है. इस फिल्म को और भी ज्यादा यूथफुल और क्रिस्पी बनाया जा सकता था.