जिंदा होने की उम्मीद : 3 दिन तक गोद में बेटे का शव लिए मंदिर में बैठी रही मां

मंदसौर: एक मां की ममता में अपने बच्चे के लिए किस तरह की तड़प होती है, वह किस तरह से अपने कलेजे के टुकड़े के लिए व्याकुल हो उठती है. अगर बच्चे को कुछ हो जाये तो मां किस तरह उसके ठीक होने के लिए मिन्नत करते है . यह सब उस समय देखने को मिला जब एक मां अपने डेढ़ महीने के मृत बच्चे को लेकर पहले सांवलियाजी मंदिर और उसके बाद पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में आस लगाए बैठी थी कि भगवान उसके जिगर के टुकड़े में जान फूंक देंगे.

महिला मानसिक रूप से बीमार है. बच्चे के शरीर में किसी प्रकार की कोई हलचल नहीं होने और बदबू आने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी. कोतवाली टीआई ने पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचकर महिला व उसके माता-पिता से बात की और शव को जिला चिकित्सालय पहुंचाया. पुलिस की मानें तो बच्चे की मौत को 3 दिन से ज्यादा हो गए हैं. वहीं बच्चे का पीएम करने वाले चिकित्सक का कहना है कि बच्चे की मौत को 72 घंटे से अधिक हो चुके हैं. मौत सामान्य ही है.

बुधवार को पशुपतिनाथ महादेव मंदिर में महू के गोकुलगंज निवासी ज्योति अग्रवाल अपने डेढ़ महीने के बेटे अमन को लेकर मंदिर में बैठी थी. बच्चे के शारीर में किसी प्रकार की कोई हलचल नहीं हो रही थी और बदबू आ रही थी , इसपर लोगों ने पुलिस को सूचना दी. मंदिर परिसर पहुंचे कोतवाली टीआई एमपीसिंह परिहार व एसआई मधु राठौर ने ज्योति के साथ उसके पिता नेमीचंद अग्रवाल और मां शारदाबाई से भी बात की. ज्योति व उसके माता-पिता का व्यवहार मानसिक बीमारों जैसा ही था. पुलिस ने जैसे-तैसे समझा-बुझाकर शव उनसे लिया और जिला अस्पताल पहुंचाया. जिला चिकित्सालय में बच्चे का पोस्टमार्टम किया गया था. तीनों को पुलिस नेे वाहन की मदद से महू भेज दिया है. अब आगे इस मामले में महू पुलिस जांच करेगी.

Most Popular

- Sponsored Advert -