भारतीय आव्रजक सबसे अधिक उद्यमशील

वाशिंगटन : अमेरिकी मान्यता के विपरीत अमेरिकी शोध संस्था की एक ताजा रिपोर्ट से भारतीय खुश हो सकते हैं कि जिसमें बताया गया है कि 2015-16 में आव्रजकों ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 2,000 अरब डॉलर का योगदान किया और ऐसे विदेशियों में भारत से आए लोगों का समूह सबसे उद्यमशील समूह है.

रिपोर्ट के अनुसार नेशनल एकेडमीज ऑफ साइंस, इंजीनियरिंग एंड मेडिसिन ने 'आव्रजन के आर्थिक एवं वित्तीय परिणाम' शीर्षक वाली अपनी रिपोर्ट में कहा है कि आव्रजकों के योगदान से 2015-16 में अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद में अनुमानित करीब 2,000 अरब डालर की वृद्धि हुई.

इस रिपोर्ट से इस बात की भी पुष्टि होती है कि आव्रजकों और उनके संततियों ने अमेरिका की आर्थिक वृद्धि, देश में नवप्रवर्तन और उद्यमों के विकास में मूल्यवान योगदान किया है. भारतीय आव्रजक देश में यहां के मूल निवासियों सहित किसी भी जातीय समूह में सबसे अधिक उद्यमशील हैं. ख़ास बात यह है कि अमेरिका में परिवहन, आवास, मनोरंजन एवं सेवा सत्कार क्षेत्र में एक चौथाई कंपनियां आव्रजकों की है.

वस्तुतः आव्रजन का मुद्दा इन दिनों इसलिए गर्म है क्योंकि राष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्षी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने सत्ता में आने पर अवैध आव्रजन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है. उनका कहना है कि आव्रजक अमेरिकी श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं.

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