योगी राज में हुई एक और महंत की हत्या, आखिर कब थमेगा ये मौत का सिलसिला

Oct 18 2020 10:59 AM
योगी राज में हुई एक और महंत की हत्या, आखिर कब थमेगा ये मौत का सिलसिला

मुरादाबाद: मुरादाबाद में नगर संत के नाम से फेमस चामुंडा मंदिर के मंहत और गंगा प्रदूषण समिति के संरक्षक संत रामदास की संदिग्ध परिस्थितिययों में उनकी मृत्यु हो गई है। गलशहीद थाना क्षेत्र के असालतपुरा बड़ा अहाता के पास स्थित वाल्मीकि मंदिर के बरामदे में उनका शव फर्श पर पाया गया। पुलिस ने शव को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। उधर, परिजनों ने उनका कत्ल होने की आशंका जताई है। जंहा इस बात का पता चला है कि वाल्मीकि मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन जब श्रद्धालु पूजा अर्चना को पहुंचे तो बदामदे में फर्श पर संत रामदास का शव पाया गया। SHO गलशहीद अयजपाल सिंह ने कहा कि श्रद्धालुओं की सूचना पर असालतपुर चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार की टीम तत्काल घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस के मुताबिकर उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं मिले।

मिली जानकारी के अनुसार मौके पर जांच पड़ताल के उपरांत पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक मौत का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। ऐसी कोई चोट भी नहीं मिले जिससे हत्या की आशंका को बम मिलता हो। फिलहाल बिसरा सुरक्षित तक जांच के लिए भेजा जा चुका है। बिसरा रिपोर्ट से ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। पोस्टमॉर्टम के बाद पुलिस ने शव परिशजनों को सौंप दिया।

वहीं, संत रामदास की मृत्यु की सूचना के बाद हिन्दुवादी संगठन के तमाम लोग पोस्मार्टम हाउस पहुंच गए। वहां से शव लेकर लौटते समय पीली कोठी के पास हिन्दुवादी संगठन के लोगों के साथ परिजनों ने जाम लगाना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बोला कि महंत रामदास की सुनियोजित तरीके से हत्या की गई है। उन्होंने मांग की कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कराए।

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