आर्थिक वृद्धि दर 7 फीसदी रहने का अनुमान

मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस ने हाल ही में भारत की आर्थिक विकास दर के संभावित अनुमान में कुछ कटौती की है. मूडीज ने यह बताया है कि इसी वित्त वर्ष के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है और इस स्थिति को देखते हुए ही देश के चालू खातों का घाटा भी कम रहने की उम्मीद है. साथ ही इस सर्विस का यह भी कहना है कि औद्योगिक उत्पादन में आई कमी और निवेश के कमजोर रहने के कारण भारत की आर्थिक वृद्धि की दर का 7 फीसदी रहने का ही अनुमान है.

गौरतलब है कि देश का चालू खाता घाटा भी 2012 के दौरान 4.8 फीसदी की तुलना में 2014 के दौरान कम होकर 1.4 फीसदी पर आकर रुक गया था. इस कारण यह अनुमान लगाया जा रहा है कि तेल की कीमतों में जो गिरावट आ रही है उसके चलते आगे चालू खाता घाटा और भी कम हो सकता है.

इसके साथ ही आपको इस बारे में भी जानकारी दे दे कि चीन में अर्थव्यवस्था की सुस्त चाल को देखते हुए मूडीज ने यह भी अंदाजा लगाया है कि भारत की आर्थिक विकास दर साल 2015 में 7 फीसदी और साल 2016 में 7.5 रह सकती है. लेकिन इस बीच यह भी जानकारी मिली है कि मामले में सरकार को यह उम्मीद है कि 2016 की समाप्ति तक दर 8 फीसदी तक पहुँच जाएगी.

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