भागवत बोले, सभी को मिले मंदिर मे प्रवेश का अधिकार

हरिद्वार : बिहार विधानसभा चुनाव में दलित-महादलित वोटों को लुभाने के लिए राजनीतिक पार्टियां कोई कसर नहीं छोड़ रहीं हैं. इसी के चलते शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने सभी को मंदिर में प्रवेश, पानी के सामूहिक स्त्रोत व अंतिम संस्कार के लिए समान श्मशान स्थल की व्यवस्था की वकालत की.  निष्काम सेवा ट्रस्ट आश्रम में शुक्रवार से संघ पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र (उत्तरांचल, मेरठ व ब्रज प्रांत) की 3 दिवसीय बैठक में शामिल होने पहुचे संघ प्रमुख ने कहा कि सप्ताह में एक दिन सामूहिक भजन और भोजन पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए. उन्होने कहा कि देश की एकता व अखंडता के लिए सभी मत, पंथ व संप्रदाय को एकजुट होना ही होगा.

पहले सत्र में बैठक को संबोधित करते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि समाज के एक साथ आने से सामाजिक एकता को बल मिलेगा. उन्होने कहा कि समाज के आखिरी व्यक्ति तक समरसता पहुचने के लिए हमें एक साथ प्रयास करना होगा. भागवत ने कहा कि परिवारिक मूल्यों में गिरावट के कारण ही हिदू समाज कमजोर हो रहा है देव संस्कृति ही हिदू संस्कृति है.

जब देव संस्कृति प्रभावी थी तब विश्व में कोई युद्ध नहीं होता था. संस्कृति को छोड़ने से ही समस्या पैदा हुई है. हमारी संस्कृति मानवता की भलाई के लिए काम करती है. उन्होने गौ संवर्धन पर जोर देते हुए गांवों को स्वावलंबी बनाने की बात भी कही. अवसर पर भागवत ने दिवंगत संत स्वामी दयानंद सरस्वती को भी श्रद्धांजलि दी.

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