'चौदहवीं का चांद' से लेकर 'लिखे जो खत तुझे' तक, जरूर सुने मोहम्मद रफी के ये गाने

मखमली आवाज के मालिक और हिन्दी सिनेमा के इतिहास के महान गायक मोहम्मद रफी (Mohammed Rafi Birthday) की आज 97 वीं जयंती है। ऐसे में इस खास मौके पर उनके गीतों को सुनाने हम आए हैं। मोहम्मद रफी आज इस दुनिया में नहीं हैं लेकिन वह अपनी आवाज से करोड़ों दिलों में बसे हुए हैं और जिंदा हैं। मोहम्मद रफी ने अपने करियर में 7 हजार से अधिक गाने (Mohammed Rafi Songs) गाए। वहीं हिन्दी सहित उन्होंने भारत के तकरीबन सभी क्षेत्रिय भाषाओं में गाने गाए। आप सभी को बता दें कि रफी साहब ने अंग्रेजी, फारसी , नेपाली और डज भाषाओं में भी गाना गाकर अपनी गायकी का जादू बिखेरा। उनको चार बार फिल्मफेयर अवार्ड और एक बार नेशनल अवार्ड से नवाजा गया था।

वहीं साल 1967 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म श्री अवार्ड से स्मानित किया। आप सभी को बता दें कि मोहम्मद रफी 20 साल की उम्र में मुंबई पहुंचे थे। वहीं उन्हें पहली बार एक पंजाबी फिल्म में गाना गाने का मौका मिला, हालांकि यहां उनको शोहरत नहीं मिल पाई। इस गाने को गाने के दो साल बाद महान संगीतकार नौशाद के म्यूजिक से सजी फिल्म ‘अनमोल घड़ी’ में रफी को गाने के लिए बुलाया गया। इस गाने के बोल थे, ‘तेरा खिलौना टूटा’। उन्होंने यह गीत गाया तो नौशाद साहब ने फिल्म रिलीज होने से पहले ही ऐलान कर दिया था कि ये गाना जमकर चलेगा औऱ फिल्म इंडस्ट्री में रफी का बहुत नाम होगा।

वहीं इसके बाद रफी की कामयाबी का सफर शुरू हुआ और ये बुलंदी तक जा पहुंचा। उन्हें फिल्म ‘शहीद’, ‘दुलारी’, बैजू बावरा’ जैसी फिल्मों ने मुख्यधारा में लाकर खड़ा कर दिया। वहीं उसके बाद उनकी टक्कर के गायक मिलने मुश्किल हो गए। ‘चौदहवीं का चांद’, ‘ससुराल’, ‘दोस्ती’, ‘सूरज’ और ‘ब्रह्मचारी’ जैसी फिल्मों के सुपरहिट होने में रफी साहब के गानों ने अहम भूमिका निभाई। आज उनके जन्म दिवस पर सुनिए उनके बेहतरीन गाने।

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