मोदी के कानूनी सलहकारो ने पढ़ा नहीं है संविधान: जेठमलानी

नई दिल्ली: पांच सदस्यीय संवैधानिक पीठ ने राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग अधिनियम को अंसवैधानिक बता कर रद्द करने का सर्वसम्मति से फैसला सुनाया है. एनडीए सरकार द्वारा लाए गए अधिनियम को आज सुप्रीम कोर्ट के पीठ द्वारा अंसवैधानिक धोषित किये जाने से सरकार की कड़ी निंदा हो रही है, वरिष्ठ वकील और बीजेपी से निष्काषित नेता राम जेठमलानी ने इस फैसले को सही बताया और अच्छे फैसले के लिए जजो को मुबारकबाद दी है. 

जेठमलानी ने कहा की देश की जनता इन न्यायमूर्तियो का धन्यवाद करती है. यहाँ PM के लिए सबक होना चाहिए, उन्हें यहाँ भी समझना चाहिए की उनके सलाहकार कैसे है. सलाहकारों को क़ानून की जानकारी नहीं है और उन्होंने संविधान पढ़ा नहीं है. साथ ही अटॉर्नी जनरल की भी जेठमलानी ने निंदा की, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर, यमूर्ति जे एस खेहर, न्यायमूर्ति जे चेलामेश्वर, न्यायमूर्ति कुरियन जोसेफ और न्यायमूर्ति ए के गोयल की सदस्यता वाले इस पीठ ने 99वें संशोधन को भी असंवैधानिक घोषित कर दिया. दो दशक से चल रही कॉलेजियम प्रणाली की जगह लेने वाला यहाँ अधिनियम 99वें संशोधन की मांग करता है. 

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