रोहिग्या मुस्लिमों को फ्लैट देगी मोदी सरकार, मिलेगी खाने-पीने से लेकर TV-फोन जैसी कई सुविधाएं

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में रह रहे लगभग 1100 रोहिंग्याओं को टेंट से निकालकर पक्की छत देने की कवायद शुरू हो चुकी हैं। शीघ्र ही इन रोहिंग्याओं को तमाम मूलभूत सेवाओं के साथ EWS फ्लैट भी मिलेंगे और साथ में दिल्ली पुलिस का संरक्षण भी प्राप्त होगा। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बारे में जानकारी दी है। केंद्र सरकार में आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस संबंध में एक ट्वीट किया है। 

 

उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि, 'भारत ने हमेशा उन लोगों का स्वागत किया है जिन्होंने देश में पनाह माँगी है। एक ऐतिहासिक फैसले में सभी रोहिंग्या शरणार्थियों को दिल्ली के बक्करवाला इलाके में EWS फ्लैटों में शिफ्ट किया जाएगा। वहाँ उन्हें मूलभूत सुविधाएँ, UNHCR आईडी और 24 घंटे दिल्ली पुलिस का संरक्षण प्रदान किया जाएगा।' बता दें कि सरकार का यह फैसला दिल्ली के मुख्य सचिव के नेतृत्व में दिल्ली सरकार के अधिकारियों, दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय के साथ हुई हाई लेवल मीटिंग के बाद लिया गया है। ये मीटिंग जुलाई के अंतिम सप्ताह में हुई थी। दिल्ली सरकार ने कहा था कि मदरपुर खादर में जहाँ रोहिंग्या रहते थे, वहाँ आग लगने के बाद वह रोहिंग्याओं के टेंट के लिए प्रति माह 7 लाख रुपए खर्च करते हैं।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी है कि, 'इन शर्णार्थियों (रोहिंग्याओं) को जल्द ही दिल्ली के बाहरी इलाके बक्करवाला गाँव में NDMC फ्लैट में शिफ्ट किया जाएगा। वहाँ EWS कैटेगरी से जुड़े कुल 250 फ्लैट हैं जो मदनपुर खादर कैंप में रह रहे 1100 रोहिंग्याओं को प्रदान किए जाएँगे।' इस बैठक में दिल्ली पुलिस को निर्देश दिए गए कि वो उस परिसर में रोहिंग्या मुस्लिमों की सुरक्षा में तैनात रहेंगे। वहीं सोशल वेल्फेयर डिपार्टमेंट इन लोगों को उन फ्लैट्स में फैन, तीन वक़्त का भोजन, लैंडलाइन फोन, टीवी, आदि चीजें मुहैया करवाएगा। इसी प्रकार दिल्ली सरकार को कहा गया है कि वो बुनियादी आवश्यकताओं से इन फ्लैट को पूरा करें और इसे फॉरेशन रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस को हैंडओवर किया जाए, ताकि वो रोहिग्याओं को यहाँ स्थानांतरित करवा सकें।

रिपोर्ट के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान NDMC ने ये फ्लैट दिल्ली सरकार को इसलिए दिए गए थे कि वे वहाँ कोरोना संक्रमण के संदिग्धों को आइसोलेट करें। हालाँकि अब यहाँ रोहिंग्याओं को रखने का फैसला लिया गया है। बताया जा रहा है कि जिन रोहिंग्याओं को यहाँ शिफ्ट किया जाएगा, उनके पास UNHCR की यूनिक आईडी है और उनकी प्रत्येक डिटेल भी रिकॉर्ड में दर्ज है।

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