50 करोड़ कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में मोदी सरकार, तय होगा न्यूनतम वेतन

Jul 10 2020 11:54 AM
50 करोड़ कर्मचारियों को बड़ी राहत देने की तैयारी में मोदी सरकार, तय होगा न्यूनतम वेतन

नई दिल्ली: श्रम कानूनों में संशोधन को लेकर सरकार के खिलाफ बनती धारणा और राजनीतिक हमलों के मद्देनज़र अब केंद्र सरकार ने कामगारों के न्यूनतम वेतन निर्धारित करने के लिए अधिक प्रभावी कानून लाने की तैयारी शुरू की है. सरकार द्वारा ड्राफ्ट कोड ऑन वेज सेंट्रल रूल्स के लिए गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है. इससे पूरे देश के 50 करोड़ कर्मचारियों-श्रमिकों को लाभ हो सकता है. सरकार द्वारा मंगलवार को ही यह गैजेट नोटिफिकेशन जारी किया गया है और इसमें सभी पक्षों की राय मांगी गई है जिसके बाद नियम-कानून को अंतिम रूप दिया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि संसद में एक वर्ष पूर्व ही कोड ऑन वेजेज बिल पास हो चुका है. सरकार का दावा है कि इसमें न सिर्फ लोगों की जीविका बल्कि उनके बेहतर जीवन का ध्यान रखा गया है. प्रारूप के अनुसार, न्यूनतम वेतन निर्धारित करने का अधिकार केंद्र और राज्य सरकारों के पास रहेगा. श्रम सुधारों के तहत सरकार द्वारा चार लेबर कोड प्रस्तावित किए गए हैं, जिनमें से पहला न्यूनतम वेतन का अधिकार ही है. कोरोना महामारी के बीच हाल में कई प्रदेश सरकारों ने श्रम कानूनों को इंडस्ट्री के पक्ष में लचीला बना दिया है, जिसके कारण ट्रेड यूनियन्स उनकी आलोचना कर रहे हैं और केंद्र सरकार की छवि पर भी प्रभाव पड़ा है.

पहले के विपरीत इस मसौदे में एक बड़ा परिवर्तन यह किया गया है कि नियोक्ता को प्रत्येक कर्मचारी को सैलरी स्लिप देना होगा, चाहे वह फिजिकल हो या इलेक्ट्रॉनिक रूप में. इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और कामगारों का उत्पीड़न कम होगा. सरकार द्वारा जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, इसमें 123 तरह के पेशे को शामिल किया गया है. 

यूएन ने किया खुलासा, कोरोना की आड़ में बेचीं जा रही है ख़राब वस्तुऐं

तमिलनाडु का एक रेस्तरां अनोखे तरीके से कर रहा है लोगो को जागरूक

बाजार में मचा धमाल, सेंसेक्स में 400 से अधिक अंकों का उछाल