भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार का बड़ा कदम, 15 दागी अफसरों को जबरदस्ती किया रिटायर

भ्रष्टाचार के खिलाफ मोदी सरकार का बड़ा कदम, 15 दागी अफसरों को जबरदस्ती किया रिटायर

नई दिल्ली: मोदी सरकार 2.0 ने मंगलवार को 15 आला अधिकारियों को जबरदस्ती रिटायरमेंट दे दिया है. ये सभी अधिकारी टैक्स विभाग के हैं. इनमें मुख्य आयुक्त, आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अफसर शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार, घूसखोरी के इल्जाम हैं. डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल ऐंड एडमिनिस्ट्रेटिव रिफॉर्म्स के नियम 56 के तहत वित्त मंत्रालय ने इन अधिकारियों को सरकार वक़्त से पहले ही रिटायरमेंट दे रही है.

सरकार ने इस कदम से स्पष्ट किया है कि घूसखोर और दागी छवि वाले अधिकारी सरकार को बर्दाश्त नहीं हैं. सरकार काफी समय से ऐसे अधिकारियों के बारे में जानकारी हासिल कर रही थी. आने वाले दिनों में भी भ्रष्टाचार पर मोदी सरकार की जीरो टॉलरेंस की नीति इसी तरह जारी रह सकती हैं. इसके साथ ही जनता के हित के लिए अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों को प्रेरित करने की भी नीति स्पष्ट करती हैं. कैबिनेट सचिवालय और केंद्रीय सतर्कता आयोग ऐसे अधिकारियों की जानकारी जुटा रहे थे, जिनकी छवि दागी अफसर की थी. 

सरकार इससे पहले भी IAS, IPS अधिकारियों के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही करती रही है. किन्तु पहली बार इतनी बड़ी तादाद में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के अधिकारियों को फोर्स्ड रिटायरमेंट पर पहुंचाया जा रहा है. सरकार के पास अधिकार है कि जो अधिकारी 50 या 55 साल की आयु पार कर चुके हैं और उनका कामकाज भी सही नहीं है, तो सरकार ऐसे अधिकारियों को समय से पहले रिटायर होने के लिए कह सकती है. 

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