पटना: 'मॉब लिंचिंग' का शिकार हुआ शख्स तीन महीने बाद जिन्दा लौट आया

Nov 17 2019 05:27 PM
पटना: 'मॉब लिंचिंग' का शिकार हुआ शख्स तीन महीने बाद जिन्दा लौट आया

पटना: बिहार में तीन महीने पहले मॉब लिंचिंग का 'शिकार' एक शख्स हुया था और वह अब जिंदा वापस लौट आया है। नौबतपुर निवासी कृष्णा मांझी के जिंदा लौटने पर पटना पुलिस की तो किरकिरी हुई ही है, विभाग को अब इस मामले में नए सिरे से जांच के आदेश देने पड़े हैं|  दरअसल, नौबतपुर के महमदपुर गांव में तीन महीने पहले मॉब लिंचिंग की घटना हुई थी। इस मामले में पुलिस ने 23 लोगों को जेल भी भेज दिया था। पुलिस अधिकारियो का दावा है कि कृष्णा की पत्नी ने ही उनके शव की पहचान की थी। लेकिन, अब कृष्णा के जिंदा लौटने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। एसएसपी ने आनन-फानन में नए सिरे से मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एसएसपी गरिमा मलिक ने कहा हैं की, '10 अगस्त को मॉब लिंचिंग की घटना में एक शख्स की हत्या हुई थी, यह तो निश्चित है। पर, अब सवाल यही है कि फिर उस दिन किसकी हत्या हुई थी। हमने इसके लिए नए सिरे से जांच शुरू कर दी है।'

नौबतपुर एसएचओ सम्राट दीपक कुमार ने बताया हैं कि कृष्णा पुणे में दैनिक मजदूर के रूप में काम करता है। कुमार ने कहा, 'कृष्णा के किसी जानने वाले ने उसे बताया कि उसके परिवारवालों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया है। यहां तक कि उसकी पत्नी भी मानती है कि वह मर चुका है। इसकी जानकारी होते ही कृष्णा घर आ गया।'

एसएचओ का दावा है कि कृष्णा की पत्नी, उसके भाई और पिता तीनों ने ही शव की पहचान कृष्णा के रूप में की थी। उन्होंने कहा, 'उसके एक हाथ पर कृष्णा मांझी लिखा हुआ था। नाम और उसके कपड़े को देखने के बाद परिवारवालों ने ही शव की पहचान कृष्णा के रूप में की थी।'

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