नाबालिग मुस्लिम लड़की से निकाह भी अपराध

अहमदाबाद। गुजरात हाई कोर्ट ने नाबालिग मुस्लिम युवती के निकाह को पूरी तरह से गैरकानूनी करार दिया है। हाई कोर्ट ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश मार्कंडेय काटजू के एक आर्टिकल का हवाला भी दिया। गायकवाड़ हवेली पुलिस थाने में दिसंबर 2014 में 28 साल के यूनुस शेख पर पड़ोस की किशोरी को भगाकर ले जाने का प्रकरण दर्ज हुआ था। युवक ने भगाने से पहले इस 16 साल की नाबालिग से विवाह कर लिया था।

इस विवाह को पहले स्थानीय अदालत और फिर बाद में हाई कोर्ट में चुनौती दी गई। न्यायाधीश जेबी पारडीवाला के अनुसार नाबालिग मुस्लिम लड़की की शादी के मामले में मुस्लिम पर्सनल लॉ नहीं बल्कि चाइल्ड मैरिज एक्ट का प्रावधान लागू होगा। अदालत ने कहा कि जो लोग पर्सनल लॉ के नाम पर नाबालिग के विवाह को जायज ठहराते हैं, वे समाज को गर्त में ले जा रहे हैं। पूरी दुनिया में लगातार सामाजिक और आर्थिक हालात में बदलाव आ रहे हैं। पारिवारिक ढांचों में शिक्षा का स्तर भी बढ़ा है। इसके बाद भी समज में इस तरह के अपराध होना बहुत ही शर्मनाक है। आज भी कई समुदाय में इस तरह की रूढ़िवादी प्रथा जीवित है।

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