मंत्री तुलसी सिलावट को हाई कोर्ट से मिली बड़ी राहत, इस मामले में दायर हुई थी याचिका

इंदौर/ब्यूरो।  उच्च न्यायालय द्वारा केबिनेट मंत्री तुलसीराम सिलावट के निर्वाचन को चुनौती देते हुए प्रस्तुत दो चुनाव याचिकाओ को निरस्त करने हेतू  तुलसीराम सिलावट की ओर से प्रस्तुत आवेदनों को स्वीकार कर दोनों याचिकाएं निरस्त कर दी। सांवेर विधानसभा क्षेत्र से दिसंबर 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर तुलसीराम सिलावट निर्वाचित हुए थे और उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए दो चुनाव याचिकाए उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गई थी,  जिनमें यह आरोप लगाया गया था कि तुलसीराम सिलावट द्वारा नामांकन पत्र के साथ जो शपथ पत्र प्रस्तुत किया था, उक्त शपथ पत्र में सही तथ्यों का समावेश नहीं किया गया। 

उनके द्वारा दूषित आचरण करते हुए चुनाव में सफलता प्राप्त की गई। उक्त आधारों पर उनके चुनाव को चुनौती देते हुए प्रस्तुत याचिका मे मंत्री  तुलसीराम सिलावट की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सराफ द्वारा आवेदन प्रस्तुत कर उक्त याचिकाओं को प्रचलन योग्य न होने के आधार पर निरस्त किए जाने की माँग की गई। 

याचिका के साथ उचित प्रारुप मे शपथ पत्र प्रस्तुत न किये जाने तथा याचिका के विचारण के दौरान मंत्री श्री तुलसीराम सिलावट द्वारा विधानसभा की सदस्यता से मार्च 2020 मे इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के तौर पर उपचुनाव मे विजय प्राप्त करने के आधार पर याचिका प्रचलन योग्य नही होने से निरस्त किए जाने की माँग की गयी। न्यायमूर्ति राजेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा आवेदन स्वीकार कर याचिकाए निरस्त कर दी गई। प्रकरण मे मंत्री तुलसीराम सिलावट की ओर से पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता विनय सराफ एवं अधिवक्ता आकाश शर्मा द्वारा की गयी 

दरिंदगी का शिकार हुए 'मेल निर्भया' की मौत, 4 आरोपियों ने किया था गैंगरेप, प्राइवेट पार्ट में डाली थी रॉड

नसीरुद्दीन से लेकर अमिताभ तक किसी ने कार तो किसी ने पानी में छोटी उम्र की एक्ट्रेस संग किया रोमांस

केदारनाथ के पास गिरा बर्फ का पहाड़, वीडियो देखकर काँप जाएंगे आप

न्यूज ट्रैक वीडियो

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -