इस राज्य ने केंद्र से सबसे कम की प्रवासी मजदूरों को घर भेजने की मांग

भारत के उघोगजगत के लिए झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्य, प्रवासी मजदूरों का सबसे बड़ा स्रोत है. यहां से लाखों मजदूर कमाई के लिए दूसरे शहरों में पलायन करते हैं. कोरोना वायरस लॉकडाउन के बीच इन राज्यों के मजदूरों दूसरे राज्यों में फंस गए हैं. इन सभी मजदूरों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेनें चला रही है. कई राज्य ऐसे हैं जहां से मजदूरों को लाने के लिए ट्रेनों की मांग की गई है, लेकिन इनमें कई राज्य ऐसे भी है जहां प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए कम ट्रेनों की मांग की गई है. इनमें बंगाल का नाम सबसे आगे है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के दौरान प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने वाली इन विशेष ट्रेनों के लिए रेलवे के दिशानिर्देशों के अनुसार उन दो राज्यों की स्वीकृति जरूर होगी जहां से ट्रेन चलेगी और जिस राज्य में जाएगी. इसके लिए उन्हें केंद्र और रेलवे से मांग करनी होती है.

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इस मामले को लेकर आंकड़ों के मुताबिक देश भर में अब तक 302 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं. इनमें से सबसे अधिक ट्रेनें यूपी ने मांगी हैं. उत्तर प्रदेश ने 88 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की मांग कर इसके माध्यम से प्रवासियों को उनके घर तक पहुंचाया है. वहीं 33 ट्रेनें रास्ते में हैं. इसके अलावा 21 और ट्रेनें आने वाले दिनों में अपनी यात्रा शुरू करेंगी.इसके बिहार ने 73 ट्रेनों को स्वीकार किया है.17 ट्रेनें अभी रास्ते में हैं और 15 और ट्रेनों को राज्य में संचालित करने की अनुमति मिल गई है.

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