मेरे इश्क की इंतहां हो गयीं

ेरे इश्क की इंतहां हो गयीं !
छुपाती रही मै बयां हो गयीं !!
खुदारा मेरा इश्क तू जान ले !
कली फूल की गुलिस्तां हो गयी!!
नजारा नजर में करूं क्या बयां !
चकोरी ने देखा मै चांद हो गयी!!
मेरा हुस्न जैसे हुआ जलवागर !
महबूब इश्क थी मै कुरबान हो गयीं!!
मोहब्बत का कलमा पढ़ा रात भर !
"सबा". जाग क्या परिस्तां हो गयीं!!

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