केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी को है इस बात का मलाल

नई दिल्ली : देश की महिला एवं बाल विकास मंत्री का मेनका गांधी ने कहा है कि उन्हें पिछले चार सालों से ज्यादा समय से राज्यसभा की कार्यवाही न चलने का मलाल है। उन्होंने कहा हाउस न चलने की वजह से कई अहम मसलों पर चर्चा नहीं हो सकी। कई बिल भी इस वजह से अटके। मेनका गांधी शुक्रवार को दिल्ली के शास्त्री भवन में पत्रकारों से बात कर रही थीं। उन्होंने कहा कि पोषण को लेकर मंत्रालय ने तीन राज्यों में विशेष अभियान चलाया था।

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ऐसे निगरानी करेगा मंत्रालय 

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में 21,000 कुपोषित शिशुओं की पहचान हुई है। इसमें से 15,000 शिशुओं का वजन अथक प्रयास के बाद सामान्य स्तर पर आ गया है। यह सभी 2017 अक्टूबर से 2018 अक्टूबर तक पैदा हुए थे। बाल विकास मंत्री ने कहा मंत्रालय लगातार इन बच्चों की निगरानी कर रहा है। ताकि उनके पोषण को लेकर किसी तरह की परेशानियां न आएं। 

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इस तरह किया गया सर्वे 

प्राप्त जानकारी के लिए बता दें इसके अलावा मेनका ने बताया कि केंद्रीय मंत्रालय यह प्रयास कर रहा है कि राज्यों और मंत्रालय के काम में एक रूपता लाए। इसके लिए मंत्रालय गाइड लाइन तैयार करने की दिशा में भी काम कर रहा है। दो किलो पांच सौ ग्राम से कम वजन के नवजात शिशुओं को इस श्रेणी में रखा जाता है। उन्होंने कहा अप्रैल तक देश भर में सभी बच्चों की रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। इसके लिए स्वतंत्र एजेंसी की सहायता ली गई है।  

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