प्रधानमंत्री और बिजली कम्पनियों की भेंट में ऋण पर विचार

नई दिल्ली : बिजली की समस्या को लेकर कुछ समय पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वादे को लेकर आशंका जताई जा रही थी और अब मोदी ने बिजली अधिकारीयों के साथ बैठक करके उन आशंकाओं को दबा दिया है, जी हाँ, हाल ही में यह बात सामने आई है कि प्रधानमंत्री ने हाल ही में बिजली इकाइयों के साथ ही बिजली वितरण कम्पनियों के साथ एक अहम बैठक को अंजाम दिया है जिसमे बिजली इकाइयों के ऋण के बोझ के बढ़ने को लेकर बात की गई. गौरतलब है कि इस वक़्त बिजली कम्पनियों का सामूहिक ऋण 3 लाख करोड़ रूपये से भी अधिक पाया गया है, जिसके तहत यह कहा जा रहा है कि ये कंपनियां वित्तीय संकट के कारण बिजली की खरीद नहीं कर पा रही है.

इसके अंतर्गत यह बात सामने आ रही थी कि केंद्र के द्वारा इन बिजली वितरण कम्पनियों को ऋण से उबारने पर विचार किया जा रहा है ताकि सभी के द्वारा बिजली प्राप्त करने का लक्ष्य पूरा किया जा सके. मामले में बिजली मंत्री पीयूष गोयल का यह कहना है कि बिजली कम्पनियों को रहत पैकेज दिए जाने की सम्भावना कम है, इस मामले में भारत सरकार को बेलआउट नहीं माना जाये और राज्य खुद ही इसका समाधान ढूंढे.

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