स्टैटिन दवाई के है कई साइड इफेक्ट्स, कहीं आप भी तो इसके शिकार नहीं

हम बीमारी से समाधान के लिए दवाइयों का सेवन करते है और आजकल लोगों में कलेस्ट्रॉल, डायबीटीज और हार्ट संबंधी समस्याएं काफी आम हो गई हैं। कलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने के लिए आमतौर पर डॉक्टर स्टेटिन नाम की दवाई देते हैं। इस दवाई से कलेस्ट्रॉल का स्तर तो कम रहता ही है साथ ही हार्ट अटैक या स्ट्रोक की संभावना भी कम हो जाती है। लेकिन स्टेटिन के कई नकारात्मक प्रभाव भी होते हैं, जिनके बारे में जानना बेहद जरूरी है। कुछ लोगों में स्टेटिन के कोई दुष्प्रभाव नहीं होते। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि इसके कोई साइड इफेक्ट्स नहीं होते। अगर कलेस्ट्रॉल कम करने के लिए आप भी स्टेटिन लेते हैं तो इसे तुरंत खाना बंद न करें बल्कि डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा इसके सेवन से क्या दुष्प्रभाव होते हैं, ये भी जानना जरूरी है।

इसके कई दुष्प्रभाव है कुछ चुनिंदा इस प्रकार है स्टेटिन लेने वाले लोगों में कमजोरी आ जाती है। वे अक्सर सिर में दर्द की शिकायत करते हैं और सोने में भी दिक्कतें आती हैं। पेड़ू में दर्द होता है। कुछ लोगों में स्टेटिन की वजह से डायरिया और कॉन्स्टिपेशन की समस्या भी हो जाती है। जो लोग स्टेटिन दवा लेते हैं वे अक्सर मांसपेशियों में दर्द की शिकायत करते हैं। यह दर्द सामान्य दर्द भी हो सकता है, लेकिन नजरअंदाज करने पर यह रुटीन के कामों में बाधा पैदा कर सकता है। हालांकि रेग्युलर हल्की-फुल्की एक्सर्साइज के जरिए मांसपेशियों में होने वाले दर्द को कम किया जा सकता है।  स्टेटिन के अत्यधिक सेवन की वजह से लिवर भी डैमेज हो सकता है और ब्लड शुगर का स्तर भी बढ़ सकता है। टाइप 2 डायबीटीज से पीड़ित लोगों में इसका सबसे बुरा असर पड़ता है। फूड ऐंड ड्रग ऐडमिनिस्ट्रेशन ने ब्लड शुगर और डायबीटीज के संबंध में स्टेटिन के स्तर को लेकर चेतावनी भी जारी की थी।
 

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