मीट बैन मसले पर हाईकोर्ट को SC ने दिया 6 माह का समय

नई दिल्ली : सर्वोच्च न्यायालय ने मुंबई में नाॅनवेज के विक्रय को लेकर दायर की गई एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के निर्णय पर दखल देने से इंकार कर दिया। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट द्वारा मुंबई हाईकोर्ट के निर्णय को लेकर किसी तरह का निर्णय न लेने का मन बनाया गया है। हालांकि कोर्ट ने इस मामले में बांबे हाईकोर्ट को 6 माह का समय दिया है। मिली जानकारी के अनुसार बांबे हाईकोर्ट द्वारा मुंबई सहित अन्य शहरों में जैन धर्म के पर्यूषण पर्व के अंतर्गत मांस के विक्रय पर रोक लगाने के निर्णय पर रोक लगा दी गई। मुंबई महानगर पालिका द्वारा राज्य में एक सप्ताह के लिए मांस विक्रय पर प्रतिबंध की मांग की थी। इसके विरूद्ध व्यवसायियों ने उच्च न्यायालय में अपील की थी। 

जिस पर उच्च न्यायालय ने फैसला दिया था कि मुंबई में मांस का विक्रय पर्यूषण पर्व के दौरान जिस अवधि में प्रतिबंधित किया गया है, उस अवधि में 2 दिन की कमी कर दी जाए। इस मामले में उच्च न्यायालय ने मसले की सुनवाई करते हुए कहा कि पर्व के दिनों में स्लाॅटर हाउस अर्थात् मटन विक्रय के स्थल नहीं खोले जाऐंगे। मगर मीट की बिक्री जारी रखी जा सकेगी। हालांकि न्यायालय ने चिकन आदि मुंबई के बाहर से लाकर उसे बेचने की अनुमति दी थी। उल्लेखनीय इस मामले में जमकर राजनीति हुई थी और कई दलों ने मुंबई में मांस विक्रय को प्रतिबंधित करने का विरोध किया था। 

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