NRHM घोटाला : CBI ने की मायावती से की पूछताछ, अब तक दर्ज़ हुई 74 प्राथमिकियां

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की पूर्व सीएम मायावती से करोड़ों रूपये के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (NRHM) घोटाले में कथित संलिप्तता को लेकर CBI ने आज पूछताछ की। एजेंसी ने इससे पहले, उनके विरुद्ध नये सबूत मिलने का दावा किया था। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक इस घोटाले में व्यापक साजिश से पर्दा उठाने के लिए CBI ने सोमवार को मायावती से पूछताछ की। NRHM घोटाले की तफ्तीश में जुटी CBI ने अब तक 74 प्राथमिकियां दयारा की हैं और 48 आरोपपत्र दाखिल किए हैं।

CBI अधिकारियों की पूछताछ के दौरान मायावती ने कई अहम सवालों से कथित तौर पर बचने की कोशिश की और मुख्यमंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल के दौरान लिए गए कुछ फैसलों के बारे में अनभिज्ञता तक जाहिर की। सूत्रों के हवाले से जांच एजेंसी ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के विभाजन और जिला परियोजना अधिकारियों के 100 पद सृजित करने को लेकर मायावती के खिलाफ नए तथ्य मिलने की बात कही थी जिसके बाद उनसे पूछताछ की गई। उन्होंने बताया कि NRHM योजनाओं के कार्यान्वयन में कथित भ्रष्टाचार के पीछे जिला परियोजना

अधिकारियों की कथित भूमिका बताई जाती है। जब स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का विभाजन हुआ था तब मायावती उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री थीं। प्रतिक्रिया के लिए वह या उनकी पार्टी का कोई मेंबर फ़ौरन मौजूद नहीं हुआ। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री ने केंद्र पर बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक लाभ लेने के लिए CBI का दुरूपयोग करने का आरोप लगाया था। उन्होंने दावा किया था कि मामले में उनकी संलिप्तता है ही नहीं। CBI ने आरोप लगाया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय का विभाजन इसलिए किया गया ताकि NRHM के कोषों को परिवार कल्याण विभाग के प्रभार के अंतर्गत सीधे तौर पर रखा जा सके। यह विभाग तब मंत्री बाबूसिंह कुशवाहा के पास था, जिनके खिलाफ एजेंसी आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।

एजेंसी का दावा है कि परिवार कल्याण विभाग में उन लोगों को ही जिला परियोजना अधिकारियों के पद पर पदस्थ किया गया जिन्होंने चुनिंदा आपूर्तिकर्ताओं को कथित तौर पर ठेके दिए और इसके बदले में आरोपी लोक सेवकों को कथित भ्रष्टाचार की भारी रकम मिली। प्राथमिकी में CBI ने आरोप लगाया है कथित आपराधिक षडयंत्र में स्वास्थ्य विभाग के विभाजन का प्रस्ताव दिया गया और केंद्र सरकार द्वारा NRHM के लिए तय मानकों के खिलाफ जा कर मंजूरी ली गई। सूत्रों ने मुताबिक उन्होंने पाया है कि राज्य में जिला परियोजना अधिकारियों के 100 पदों का सृजन अनियमित तरीके से किया गया।

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