संसद में हंगामे को मायावती ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण... बोलीं- आज तक नहीं देखा ऐसा दृश्य

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा और लोकसभा में जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष और सत्ता पक्ष के हंगामे के कारण सदन में कुछ ही घंटे काम हो सका। रिपोर्ट के मुताबिक, इस सत्र में संसद के दोनों सदनों में महज 22 प्रतिशत ही काम हो पाया। संसद में हुए हंगामे को लेकर राज्यसभा स्पीकर वेंकैया नायडू भावुक भी हो गए।

इसी बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने भी संसद में हंगामे को लेकर दुख प्रकट किया है। मायावती ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए कहा कि संसद में ऐसा दृश्य उन्होंने कभी नहीं देखा। मायावती ने गुरुवार को ट्वीट करते हुए लिखा कि, "देश की संसद व इसके उच्च सदन राज्यसभा में गत दिनों सत्ता व विपक्ष के बीच गतिरोध में जो कुछ हुआ वह अति दुर्भाग्यपूर्ण। मैंने अपने लम्बे संसदीय जीवन में बहुत बार सत्ता व विपक्ष के बीच तीखी तकरार, तनाव व तीव्र विरोध आदि देखे हैं किन्तु संसद में अब जैसा दृश्य कभी नहीं देखा है।"  इसके साथ ही, बसपा सुप्रीमो मायावती ने सरकार द्वारा लाए गए OBC बिल का भी समर्थन किया है।

 उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि ओबीसी वर्ग बहुजन समाज का अभिन्न अंग है, जिसके हित व कल्याण के लिए बाबा साहेब डा। भीमराव अम्बेडकर ने संविधान में धारा 340 की व्यवस्था की व उसपर सही से अमल नहीं होने पर देश के प्रथम कानून मंत्री पद से इस्तीफा भी दे दिया था। बीएसपी भी वैसे ही इन वर्गों के लिए जी-जान से समर्पित। इसी सोच के तहत राज्य सरकारों द्वारा ओबीसी की पहचान करने व इनकी सूची बनाने सम्बन्धी संसद में आज पेश  संविधान संशोधन बिल का बीएसपी समर्थन करती है, किन्तु केन्द्र केवल खानापूर्ति न करे बल्कि सरकारी नौकरियों में ओबीसी के वर्षों से खाली पदों को भरने का ठोस काम भी करे।

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