लोकसभा चुनाव: गेस्ट हाउस कांड के 24 साल बाद एक साथ दिखेंगे माया और मुलायम

लोकसभा चुनाव: गेस्ट हाउस कांड के 24 साल बाद एक साथ दिखेंगे माया और मुलायम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक दूसरे के धुर विरोधी रहे मायावती और मुलायम सिंह यादव आज वर्षों पहले की कड़वाहट भुलाकर चुनावी मंच साझा करेंगे. 1995 के गेस्टहाउस कांड के 24 वर्ष बाद दोनों नेता एक मंच पर इकठ्ठा हो रहे हैं. मैनपुरी संसदीय क्षेत्र में शुक्रवार की होने वाली रैली पर सबकी नज़रें होंगी जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सुप्रीमो मायावती अपने पुराने कट्टर विरोधी मुलायम सिंह के लिए वोट मांगेंगी. 

इस चुनावी रैली में लाखों की भीड़ जुटने की संभावना जताई जा रही है. तीसरे चरण में जिन सीटों पर मतदान होना है, उसमें से एक सीट मैनपुरी है जहां 23 अप्रैल को मतदान होगा. समाजवादी पार्टी (सपा), बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) महागठबंधन की उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में संयुक्त चुनावी रैली होने वाली है. मैनपुरी की क्रिश्चियन फील्ड में होने वाली इस चुनावी रैली में मायावती मुलायम सिंह के साथ स्टेज शेयर करेंगी. इसके माध्यम से महागठबंधन प्रतिद्वंद्वियों को यह संदेश देने का प्रयास करेगा कि सभी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ एकजुट हैं.

चुनावी रैली की तैयारियों पर सपा जिलाध्यक्ष खुमान सिंह वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया है कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो  मायावती और राष्ट्रीय लोकदल के प्रमुख चौधरी अजित सिंह रैली को सम्बोधित करेंगे. इस अवसर पर सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव भी उपस्थित रहेंगे. रैली की तैयारियों में जुटे मैनपुरी सदर से सपा विधायक राज कुमार उर्फ राजू यादव ने मुलायम के रैली में शामिल होने की पुष्टि की है.

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