इस वजह से मौनी आमवस्या के दिन मौन रहकर करें स्नान और करें मौन व्रत

Jan 23 2020 06:20 PM
इस वजह से मौनी आमवस्या के दिन मौन रहकर करें स्नान और करें मौन व्रत

आप सभी जानते ही होंगे माघ का महीना है और यह महीना जप, तप, स्नान और ध्यान का माना जाता है और यह महीना हिंदुओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला कहा जाता है। ऐसे में माघ के महीने में ही पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य कमा सकते हैं। जी हाँ, वहीं इस महीने में पड़ने वाली अमावस्या को मौनी अमावस्या कहा जाता है और ऐसा कहते हैं कि, मौनी अमावस्या के दिन द्वापर युग की शुरुआत हुई थी, और मनु ऋषि का जन्म भी हुआ था। जी हाँ, इस दौरान आने वाली अमावस्या का विशेष महत्व होता है क्योंकि इसमें मौन रहकर व्रत, स्नान और ध्यान किया जाता है। जी हाँ, आपको बता दें कि इस बार 24 जनवरी 2020 को मौनी अमावस्या पड़ रही है और इस दिन मौन एवं संयम की साधना करने से स्वर्ग एवं मोक्ष मिलता है। तो आइए जानते हैं इस दिन क्यों मौन होकर नहाते हैं। 

इस दिन 'मौन व्रत' रखना और 'मौन होकर' नहाना- जी दरअसल मौनी अमावस्या को दर्श अमावस्या कहते हैं और इस तिथि को मौनी अमावस्या इसलिए कहते हैं क्योंकि इस व्रत को करने वाले को पूरे दिन मौन व्रत का पालन करना होता है। जी हाँ, वहीं माघ मास की अमावस्या तिथि को बेहद शुभ कहते हैं और इसे ही माैनी अमावस्या भी कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि मौनी अमावस्या पर देवता धरती पर रूप बदलकर आते हैं और संगम में स्नान करते हैं। इसी के साथ ऐसी मान्यता भी है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पुण्य मिलता है। कहते हैं मौन व्रत करने से विशेष तरह की उर्जा मिलती है और इसी के साथ ही शारीरिक और मानसिक कष्ट दूर हो जाते हैं। वहीं मौन होकर इस दिन नहाने से भी पुण्य मिलता है।

शुभ तिथि - तिथि की शुरुआत 24 जनवरी को तड़के 2।17 बजे होगा और इसकी समाप्ति 25 जनवरी को तड़के 3।11 बजे हो जाएगी। शनि राशि दोपहर 12।10 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे और शनि के राशि बदलने पर मकर, धनु और कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती शुरू हो जाएगी जबकि वृश्चिक राशि से साढ़े साती उतर जाने वाली है। 

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