कुछ देर की मसाज, दे आपको सुकून और आराम

कुछ देर की मसाज, दे आपको सुकून और आराम

कई बार आप दिनभर के कामों को करने, रसोई में खाना बनाने और दफ्तर में काम करने के बाद घर आकर थककर चूर हो जाती होंगी। अचानक आपकी कमर में दर्द होने लगता होगा। ऐसे में आपको केवल आराम ही सूझता है। जी हां, यह सही भी लेकिन अक्सर होने वाली ऐसी स्थिति से निजात पाने का तरीका है कि आप बाॅडी मसाज लें जी हां, मालिश जिसे बच्चे के जन्म लेने के साथ ही किया जाता है। वह हमारे स्वास्थ्य के लिए बेहद आवश्यक है।

दरअसल मालिश कई तरह से गुणकारी है। मालिश करने से त्वचा में निखार तो आता है लेकिन मसाज से हमारे शहर के ऐसे क्षेत्र क्रियाशील हो जाते हैं जो प्रतिदिन की भागदौड़ और व्यस्त जीवन शैली के कारण दबकर निष्क्रिय हो जाते हैं। मसाज से रक्त संचरण सही यह मालिश शरीर की म नाशक धातुओं को बलवान बनाने वाली, वात, कफ, पित्त का शमन करने वाली, निद्रा देने वाली और रक्त मांस व त्वचा को प्योर बनाने वाली होती है। ऐसे में किसी भी अनावश्यक गठान की स्थिति से बचा जा सकता है।

दरअसल सुश्रृत संहिता में अर्बुद का उल्लेख किया गया है। जिसमें केंसर के बारे में भी बताया गया है। दरअसल शरीर में मांस, रक्त, वात, कफ, पित्त आदि के अनियंत्रित तरीके से एक स्थान पर एकत्रित होने से गठान का निर्माण होता है। ऐसे में मालिश या मसाज इस तरह की गठना से शरीर को मुक्त करती है। 

मालिश करने के कुछ नियम होते हैं यदि इनका पालन किया जाए तो सफलता जरूर मिलती है।

मालिश करने के दौरान आप खुश रहें, आप का ध्यान मालिश में हो और आप शांत रहें। जिस अंग की मालिश हो रही हो वहां ध्यान लगाऐं। 

चलते - फिरते समय मालिश न करें, एक स्थान पर दरी या चटाई बिछाकर मालिश करें। 

मालिश हल्के हाथ से धीमे - धीमे करें ओर इसे करीब 25 मिनट या फिर 45 मिनट से ज़्यादा न करें। 

मालिश करने के लिए मौसम का ध्यान रखें। गर्मी में धूप में मालिश न करें और ठंड में खुले या सर्द स्थान पर मालिश नहीं करें। 

अधिक थके होने पर, बुखार होने पर, कब्ज़, अजीर्ण, उपवास होने और अधिक देर तक जागने पर मालिश न करें। 

मालिश जैतून के तेल से, सरसों से नारियल के तेल से करें।