मसरत आलम समेत 6 को किया गिरफ्तार

style="text-align: justify;">नई दिल्ली : जम्मू -कश्मीर में अलगाववादी ताकतों को लगातार छोड़े जाने के आरोपों से घिरी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार आखिरकार हरकत में आ ही गई। जम्मू - कश्मीर विधानसभा में पीडीपी के साथ सत्ता में भागीदारी के बावजूद सरकार ने अलगाववादी नेता मसरत आलम, सैयद अली शाह गिलानी और अन्य 6 अलगाववादियों को नज़रबंद कर दिया। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जम्मू कश्मीर राज्य की मुफ्ती सरकार ने मसरत आलम को गिरफ्तार कर लिया है। 

मिली जानकारी के अनुसार अलगाववादी नेता मसरत आलम द्वारा एक रैली में शामिल होने और लोगों को भड़काए जाने के बाद उसे नज़रबंद कर दिया गया। यही नहीं रैली में लोगों ने पाकिस्तान का झंडा लहराया और लोगों को भड़काया। जिसके बाद उन्हें कैद कर लिया गया। उल्लेखनीय है कि श्रीनगर में आयोजित की गई इस रैली के बाद हुर्रियत नेता गिलानी को भी पकड़ लिया गया। दरअसल गिलानी ने पाकिस्तान समर्थित नारे लगवाए और पाकिस्तान का झंडा भी फहराया था। आरोप लगाए गए हैं कि अलगाववादियों के इस तरह के कदमों से लोगों की भावनाऐं भड़क गईं। 

जिसके बाद विवाद गहराने लगा। मामले की संजीदगी को देखते हुए पुलिस का व्यापक बंदोबस्त किया गया। दूसरी ओर आलम के इस बयान से अभिभाषकों ने जम्मू कश्मीर में हड़ताल पर जाने का मन बना लिया है। माना जा रहा है कि शुक्रवार को जुम्मे की नमाज़ के दौरान अलगाववादी अधिक सक्रिय हो सकते हैं वहीं सुरक्षा एजेंसियों द्वारा इस बात के संकेत दिए गए हैं कि अलगाववादियों को सीमा पार से निर्देश मिल सकते हैं और वे पत्थरबाजी जैसी घटनाओं को अंजाम दे सकते हैं। भाजपा ने अपना रूख साफ करते हुए कहा कि पार्टी से देश बड़ा है और देशद्रोह जैसी किसी भी गतिविधियों पर पार्टी और सरकार विराम लगाने के लिए हमेशा तैयार रहती है।
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