मसूरी छावनी परिषद क्षेत्र में मास्क पहनना नहीं है जरूरी

भारत सरकार द्वारा लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण को कम करने के लिए काम किया जा रहा है। वहीं जिसको लेकर पूरे देश में लाॅकडाउन के साथ सोशल डिस्टेंसिंग रखने को लेकर लगातार जनता से अपील की जा रही है।वहीं सभी लोगों को मास्क पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। परंतु मसूरी छावनी परिषद के अधिकारियों को भारत सरकार के द्वारा जारी एडवाइजरी से कुछ लेना-देना नहीं है। इसके साथ ही उनके द्वारा छावनी परिषद क्षेत्र में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाकर लोगों को कोरोना वायरस के संक्रमण को लेकर जागरूक तो किया जा रहा है, परंतु हर किसी को मास्क को नहीं पहनने के लिए कहा जा रहा है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की बोर्ड में साफ लिखा हुआ है कि 'कोरोना वायरस संक्रमण से भयभीत न हों, हर किसी को मास्क पहनने की आवश्यकता नहीं है'। वहीं सरकार चिंतित है राज्य सरकार लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिये काम कर रही है। स्थानीय लोग मसूरी में इस आदेश को पढ़कर हैरान हैं, जिससे छावनी परिषद की जमकर किरकिरी हो रही है।

इसके साथ ही छावनी परिषद के सीईओ अभिषेक राठौर ने बताया कि पूर्व में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिये बोर्ड बनावाये गए हैं, जिसके माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के अलग-अलग तरीके बताये गए हैं।परन्तु मास्क पहनना जरूरी नहीं है, बोर्ड में लिखी ये बात उनके संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा है तो इन बोर्डों को तत्काल उतारा जाएगा। लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

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