रिहा होगा मसरत आलम,घाटी में फैलेगा तनाव

श्रीनगर। जम्मू एवं कश्मीर उच्च न्यायालय द्वारा अलगाववादी नेता मसरत आलम को छोड़ने के आदेश दिए गए हैं। गौरतलब है कि वह 6 वर्ष से जेल में है। उसे जन सुरक्षा कानून के अंतर्गत पकड़ा गया था। गौरतलब है कि वह जम्मू के समीप कठुआ जेल में बंद है। मसरत आलम पर आरोप है कि पाकिस्तान के साथ सटी नियंत्रण रेखा पर तीन नागरिकों के एक फर्जी मुठभेड़ में मारे जाने के बाद भारत विरोधी हिंसक प्रदर्शन हुआ। जिसके पीछे मसरत आलम का हाथ होने की जानकारी थी।

आलम को लेकर उच्च न्यायालय में सुनवाई हुई थी। ऐसे में न्यायाधीश ने निर्णय नहीं सुनाया था। मगर अब निर्णय में कहा गया कि आलम मुस्लिम लीग का अध्यक्ष है और उसे रिहा किया जाए। गौरतलब है कि वह अलगाववादी नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के हुर्रियत काॅन्फ्रेंस से जुड़ा है। गौरतलब है कि अलगाववादी नेता आलम को नज़रबंद न किए जाने के दौरान जम्मू - कश्मीर में प्रदर्शन अधिक बढ़ गए थे और इन प्रदर्शनों में घाटी में पाकिस्तान समर्थित बातों का समर्थन किया गया था।

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