कभी परिवार ने किया था विरोध और आज देश की सबसे बड़ी महिला मुक्केबाज है 'मेरीकॉम'

भारत की बॉक्सर मैरी कॉम का आज अपना जन्मदिन मना रहीं है। मैरी कॉम का जन्म 1 मार्च 1983 को मणिपुर में हुआ था। साल 2014 में एशियाई खेलों में मैरी कॉम स्वर्ण पदक हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बनी। मैरी कॉम भारत की अकेली महिला मुक्केबाज़ हैं, जिन्होंने 6 विश्व चैंपियनशिप के हर मुकाबले में पदक हासिल किया है। 26 अप्रैल 2016 को मैरी कॉम को भारत के राष्ट्रपति द्वारा राज्य सभा का सदस्य नामित किया गया था।

शानदार प्रदर्शन की बदौलत लोकेश राहुल ने लगाई आईसीसी टी-20 रैंकिंग में बड़ी छलांग

अब तक जीते कई मैडल  

जानकारी के लिए बता दें मैरी कॉम के ऊपर एक फिल्म भी बन चुकीं है, जिसमे मैरी कॉम का किरदार अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा ने निभाया था। अब तक मैरी कॉम 10 राष्ट्रीय खिताब जीत चुकीं हैं, साल 2003 में मैरी कॉम को भारत सरकार ने अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित किया। साल 2006 में मैरी कॉम को पद्मश्री सम्मान भी मिला। मैरी कॉम को बचपन में टीवी पर मोहम्मद अली को मुक्केबाजी करते देख बॉक्सर बनने की प्रेरणा मिली। परिवार ने शुरू में विरोध किया। इसके बावजूद ने मैरी कॉम ने बॉक्सिंग की ट्रेनिंग शुरू की और इसके कुछ महीनों बाद ही 2000 में राज्य स्तरीय चैम्पियनशिप जीता।

NZ vs BAN : तमीम इकबाल की शतकीय पारी के बावजूद 234 रनों पर सिमटी बांग्लादेश की पहली पारी

लगातार बढ़ती रही आगे 

बता दें साल-2012 में लंदन में हुए ओलंपिक में वह क्वॉलीफाई करने वाली एकमात्र भारतीय बॉक्सर रहीं और ब्रॉन्ज मेडल भी जीता। यही नहीं, 2014 में दक्षिण कोरिया में इंचियोन में हुए एशियन गेम्स में मैरी कॉम ने गोल्ड मेडल जीता और ऐसा करने वाली वह पहली भारतीय महिला रहीं। मैरी कॉम को महिला होने के नाते अपने सफर में बॉक्सिंग संघों की राजनीति  का भी शिकार होना पड़ा। इसके बावजूद वह अपने सफर पर आगे बढ़ती रहीं।

ऑनलाइन नहीं मिलेगा इंडिया-ऑस्ट्रेलिया के इस मैच का टिकट, लाइन में लगकर खरीदना पड़ेगा

वर्ल्ड कप 2019: ICC ने दिया आश्वासन, कहा भारत की सुरक्षा के लिए सब कुछ करेंगे

चोट के कारण टी20 सीरीज से बाहर हुए केन रिचर्डसन, इस खिलाड़ी को मिला मौका

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -