मार्गशीर्ष मास के गुरुवार का है बहुत ही महत्व, जरूर करें ये काम

हिंदू पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष के माह का आरम्भ हो चूका है। हिंदू कैलेंडर का ये नौवां महीना होता है। ये माह प्रभु श्री कृष्ण को समर्पित होता है क्योंकि गीता में श्रीकृष्ण ने मार्गशीर्ष महीने को खुद का स्वरूप बताया है। चूंकि श्रीकृष्ण भगवान विष्णु के अवतार हैं तथा विष्णु जी की पूजा माता लक्ष्मी के बगैर अधूरी रहती है। इस लिहाज से देखा जाए तो मार्गशीर्ष माह प्रभु श्री विष्णु एवं माता लक्ष्मी दोनों की पूजा के लिए बहुत उत्तम माना गया है। बृहस्पतिवार का दिन विष्णु जी को समर्पित होता है, इस लिहाज से इस महीने का बृहस्पतिवार बहुत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि मार्गशीर्ष के माह में नारायण और लक्ष्मी के लिए व्रत रखा जाए तो दोनों की कृपा प्राप्त होती है। जीवन की सभी दिक्कतों का अंत हो जाता है। साथ ही घर में धन और वैभव की कोई कमी नहीं रहती है। मगर यदि आप व्रत नहीं रह सकते हैं तो बृहस्पतिवार के दिन अवश्य करे ये काम।

इन कामों को जरूर करें:-
1- बृहस्पतिवार के दिन यदि व्रत नहीं रख सकते तो सत्यनारायण की कथा या बृहस्पतिवार की व्रत कथा पढ़ें। इससे जीवन में खुशहाली को बरकरार रहती है।
2- बृहस्पतिवार के दिन लक्ष्मी और विष्णु जी की साथ वाली मूर्ति रखकर पूजन करें। विष्णु जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं ततः देवी लक्ष्मी को खीर या दूध से बनी किसी चीज का भोग लगाएं।
3- बृहस्पतिवार के दिन मंदिर में गेहूं एवं गुड़ दान करना भी बहुत अच्छा माना जाता है। मार्गशीर्ष माह में ऐसा करने से दान का प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इससे घर की सभहि दिक्कतें दूर होती हैं।
4- गाय को लोई में गुड़, चने की दाल तथा हल्दी डालकर खिलानी चाहिए। गाय को तिलक लगाकर उनकी आराधना करनी चाहिए। इससे जगत के पालनहार की खास कृपा बनी रहती है।
5- अगर आप किसी शुभ काम का आरम्भ करना चाहते हैं तो बृहस्पतिवार का दिन इसके लिए बेहद अच्छा माना जाता है। वहीं मार्गशीर्ष माह का बृहस्पतिवार और भी उत्तम है। इससे घर में शुभ कार्यों की पुनरावृत्ति होती है।
6- बृहस्पतिवार के दिन मंदिर एवं तुलसी के नीचे दीपदान अवश्य करें। इससे परिवार के तमाम संकट दूर हो जाते हैं।

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