सरस्वती हत्याकांड में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे, पुलिस ने किया खुलासा

ठाणे: मुंबई के ठाणे स्थित मीरा रोड अपार्टमेंट में सरस्वती हत्याकांड में नया मोड़ आया है। महिला की निर्मम हत्या मामले में पुलिस को नया सुराग हाथ लगा है। पता चला है कि उसने पुलिस को बताया था कि वो HIV पॉजिटिव है तथा इसलिए उसने कभी भी सरस्वती से शारिरिक संबंध नहीं बनाए, झूठ हो सकता है। पुलिस के अनुसार, गुमराह करने के लिए वह यह हथकंडा चल रहा है। पुलिस को तहकीकात एवं दरिंदे मनोज साने से पूछताछ के चलते यह भी पता लगा है कि उसने शव को ठिकाने लगाने से पहले डेड बॉडी की तस्वीरें लीं तथा फिर गूगल भी किया था।

मीरा रोड के गीता नगर क्षेत्र में लिव इन रिलेशनशिप के चलते सरस्वती वैद्य की निर्मम हत्या मामले में नए ट्विस्ट ने पुलिस को भी चौंका दिया है। पुलिस ने बताया, हत्यारा मनोज साने स्वयं को HIV पॉजिटिव बताकर अपराध से बचने का प्रयास कर रहा है। उसने बंद कमरे में सरस्वती के साथ क्या-क्या किया, इस बात का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। अपनी गढ़ी कहानी में मनोज साने पुलिस को बता रहा है कि जब उसने सरस्वती को मरा देखा तो उसके मुंह से झाग निकल रहा था। वह डर गया कि कहीं इसका आरोप उस पर न लगे, इसलिए उसने शव को ठिकाने लगाने के लिए टुकड़े किए, किन्तु पुलिस अभी भी उसकी बताई थ्योरी को मानने के लिए तैयार नहीं है। पुलिस ने बताया, मनोज साने ने पुलिस को दिए बयान में पहले कहा था कि वह HIV पॉजिटिव है, इसलिए उसने कभी भी सरस्वती से शारिरिक संबंध नहीं बनाए। उन दोनों का रिश्ता बाप-बेटी जैसा था। हालांकि बाद में उसने स्वीकार किया दोनों ने एक मंदिर में शादी की। दोनों की शादी का कोई कानूनी सबूत नहीं मिला है। वहीं, सरस्वती की बहन द्वारा दर्ज बयान के अनुसार, वह मनोज साने को कभी मामा तो कभी चाचा बताती थी। अनाथआश्रम में भी उसके पूर्व सहयोगी महिलाओं ने यही बयान दिए हैं। 

मनोज साने ने क़त्ल कर उसके शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए थे, इतने कि इन्हें गिना भी नहीं जा सका है। इसके लिए दरिंदे ने इलेक्ट्रिक आरे का उपयोग किया था, जो अक्सर पेड़ काटने के लिए प्रयोग में लाई जाती है। इतना ही नहीं, तहकीकात में पता चला कि उसने टुकड़ों को कुकर में पकाया था। मनोज ने इस कृत्य को अंजाम देने से पहले शव की कुछ तस्वीरें भी ली थीं। पुलिस ने बताया, सरस्वती के शव को ठिकाने लगाने के लिए मनोज साने काफी बैचेन हो गया था। उसे पकड़े जाने का डर सता रहा था। इसके लिए उसने कई बार गूगल सर्च भी किया। वह गूगल में शव ठिकाने लगाने के तरीके ढूंढ रहा था। इसके अतिरिक्त उसने शव की गंध दूर करने के उपाय भी गूगल सर्च में तलाशे थे। अपराधी मनोज ने पहले पुलिस को सूचित किया था कि वे दोनों अनाथ हैं। हालांकि मनोज के चाचा और अन्य रिश्तेदार बोरिवली क्षेत्र में रह रहे हैं। सरस्वती की पांच बहनें भी हैं, जिनमें से एक अब पुलिस के सामने आ गई है। मनोज एवं सरस्वती ने अपनी एक बहन के घर जाकर खाना भी खाया था। अपराधी ने पहले कहा था कि वह लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहा है। 

पुलिस ने बताया, दोनों की मुलाकात 2012 में हुई थी जब सरस्वती बोरिवली क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रही थी। इससे पहले, वह अपनी बहन के साथ रहती थी। इससे पहले वह अहमदनगर के आप्टे अनाथालय में रह रही थी। सरस्वती इस बीच कुछ दस्तावेज लेने के लिए इस आश्रम में गई थी। इस बार उन्होंने मनोज को वहां के लोगों से मामा के तौर पर मिलवाया था। चूंकि दोनों मूल रूप से अहमदनगर के रहने वाले हैं, इसलिए उनकी नजदीकियां बढ़ीं। अपराधी मनोज निरंतर पुलिस को अलग-अलग जानकारी दे रहा है। उसने अभी तक सरस्वती का क़त्ल करने की बात कबूल नहीं की है।

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