वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए ऐसा ज़रूरी नहीं होता: PM मोदी

नई दिल्ली: आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के जरिए देश की जनता को संबोधित कर रहे हैं। आप सभी जानते ही होंगे कि मन की बात कार्यक्रम प्रधानमंत्री मोदी का मासिक रेडियो संबोधन है। ऐसे में आज अपने कार्यक्रम में उन्होंने आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम का जिक्र किया। जी दरअसल सबसे पहले पीएम मोदी ने कहा, 'अमृत महोत्सव से प्रेरणा मिलती है। पंचायत से लेकर संसद तक आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है।'

वहीं आगे PM मोदी ने कहा- 'वृन्दावन के बारे में कहा जाता है कि ये भगवान के प्रेम का प्रत्यक्ष स्वरूप है। हमारे संतों ने भी कहा है- यह आसा धरि चित्त में, यह आसा धरि चित्त में, कहत जथा मति मोर। वृंदावन सुख रंग कौ, वृंदावन सुख रंग कौ, काहु न पायौ और।' इसी के साथ उन्होंने कहा- 'हमारे देश में अनेक राज्य हैं, अनेक क्षेत्र है जहां के लोगों ने अपनी प्राकृतिक विरासत के रंगों को संजोकर रखा है। इन लोगों ने प्रकृति के साथ मिलकर रहने की जीवनशैली आज भी जीवित रखी है। ये हम सबके लिए भी प्रेरणा है। वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए ऐसा ज़रूरी नहीं होता। जब विरता का विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं।'

इसी के साथ उन्होंने कहा- 'दिसंबर महीने नेवी डे और आर्म्ड फोर्स फ्लैग डे भी देश मनाता है। हम सबको मालूम है 16 दिसम्बर को 1971 के युद्ध का स्वर्णिम जयन्ती वर्ष भी देश मना रहा है। मैं इन सभी अवसरों पर देश के सुरक्षा बलों का स्मरण करता हूं, हमारे वीरों का स्मरण करता हूं।' वहीं इसके पहले उन्होंने कहा- 'अमृत महोत्सव, सीखने के साथ ही हमें देश के लिए कुछ करने की भी प्रेरणा देता है, अब तो देश-भर में आम लोग हों या सरकारें, पंचायत से लेकर संसद तक, अमृत महोत्सव की गूंज है और लगातार इस महोत्सव से जुड़े कार्यक्रमों का सिलसिला चल रहा है।'

अमृत महोत्सव से प्रेरणा मिलती है, मन की बात में बोले PM मोदी

आज मन की बात करेंगे PM मोदी, ये हो सकते हैं मुद्दे!

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -