यहां पर झोपड़ों में बनाया क्वारंटाइन सेंटर, हर प्रकार की सुविधा रहेगी उपलब्ध

कोरोना से बचाव के लिए देश के कोने-कोने में फंसे लोगों को उनके निवास तक पहुंचाने के लिए सबसे पहले क्वारंटाइन प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है. ऐसे में मणिपुर के नागा गांवने बांस की झोपड़ी का क्वारंटाइन सेंटर बनाया है. यानी इस गांव में दूसरे राज्य से आने वाले लोगों को यहां पर ठहरना पडे़गा. तुंगजॉय ग्राम परिषद ने 80 केंद्र बनाए हैं. बता दें कि नागालैंड की सीमा से सटे सेनापति जिले के पांवटा उपमंडल में पोमई (जनजाति) नागा गांव मणिपुर की राजधानी इंफाल से लगभग 110 किलोमीटर उत्तर में है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि तुंगजॉय ग्राम परिषद की मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने भी तारीफ की है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि मेरा तुंगजॉय ग्राम परिषद को सलाम है, जिन्होंने देश के कोने-कोने में फंसे लोगों के लिए 80 बांस की झोपड़ी का क्वारंटाइन सेंटर सेंटर बनाए हैं. साथ ही लिखा प्रत्येक सेंटर में अलग से एक बेड, वाशरुम, गेस टेबल, बिजली और पानी देने की सुविधा प्रदान की गई है. 

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इस प्रयोग की मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी इस गांव के प्रयास की तारीफ की है. उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि बांस और अन्य स्थानीय सामग्रियों से बने टिन-छत वाले कॉटेज का विद्युतीकरण किया गया है. एक व्यक्ति के लिए प्रत्येक कॉटेज में अलग-अलग बेड, अलग टॉयलेट, गैस टेबल और बिजली के साथ चार्जिंग लगाया गया है. 

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