मनाना तो चलता ही रहता है

ो प्यार ही क्या जिसमें तक़रार ना हो 
ये तक़रार भी तो प्यार का हिस्सा है
रूठना मनाना तो चलता ही रहता है
ये तो मोहब्बत में हर रोज का किस्सा है

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