नोट के बाद सरकार चल रही स्याही का खेल

Nov 15 2016 06:14 PM
नोट के बाद सरकार चल रही स्याही का खेल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा 500 रूपए और 1000 रूपए के नोट को बदलने के निर्णय का विपक्ष द्वारा जमकर विरोध किया जा रहा है। जहां कांग्रेस के नेता केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी ओर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा केंद्र सरकार की आलोचना की जा रही है। अब केंद्र सरकार द्वारा बैंक में पहुंचकर नोट बदलने के लिए आने वाले ग्राहकों को उनकी अंगुली पर स्याही लगाकर चिन्हित किया जाएगा।

जिससे एक ही व्यक्ति बार - बार नोट जमा करवाने और नोट निकालने न पहुंच सके। ऐसे में जहां बैंक्स से लोगों की कतारें कम होंगी वहीं सबसे बड़ी बात यह होगी कि कालाधन प्रबंधित करने वाले निराश हो जाऐंगे। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि 19 नवंबर को उपचुनाव का दौर है। चुनाव आयोग द्वारा इस बारे में कहा जाएगा कि यह एक गंभीर मसला है और इस मामले को राष्ट्रपति के संज्ञान में लाया जाएगा।

उनका कहना था कि रेलवे, पैट्रोल पंप पर 500 रूपए 1000 रूपए के नोट्स का प्रयोग करने की अनुमति दी गई है टोल टैक्स भी अब नहीं लग रहा है मगर इससे किसानों को क्या लाभ। किसानों और को आॅपरेटिव सोसायटी को सहायता नहीं मिल पा रही है। इतना ही नहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा कहा गया है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के साथ जो भेंट हो रही है। उसे गंभीरता से उठाऐं। उनका कहना था कि शिवसेना भी उनके साथ होगी।

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