मालदीव के नागरिकों ने पीएम मोदी को कहा शुक्रिया, यह रही पूरी वजह

नई दिल्ली: एक के बाद के कोरोना के कहर से परेशान व्यक्ति की हालत आज बद से बदतर हो गई है वहीं चीन के कोरोना वायरस  से ग्रस्त वुहान से शहर से सात मालदीव नागरिकों को दिल्ली लाने के लिए मालदीव ने भारत का शुक्रिया अदा किया है. गौरतलब है कि चीन के वुहान से 323 भरतीयों को लेकर एयर इंडिया का एक और विमान दिल्ली पहुंचा है. विमान में 7 मालदीव नागरिकों को भी लाया गया है. मालदीव के विदेश मंत्री अब्दुल्ला शाहिद ने पीएम मोदी और विदेश मंत्री जयशंकर का शुक्रिया अदा किया है. उन्होंने कहा की भारत की यह सहायता एक बार फिर से दोनों देशों के बीच खास दोस्ती को बताता है. बता दें भारत सरकार चीन में फैले कोरोना वायरस से अपने नागरिकों को बचाने के लिए उन्हें वापस देश लेकर आ रही है. वहीं शनिवार को भी 324 भीरतीयों को चीन से लाया गया था.

मिली जानकारी के अनुसार भारत सरकार ने चीन से आने वाले सभी भारतीयों को दिल्ली के छावला व हरियाणा के मानेसर कैंप में ठहराने का इंतजाम किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, "चीन से लौटे इन सभी लोगों को कम से कम दो सप्ताह तक शेष भारतीय नागरिकों से अलग रखने का फैसला किया गया है." भारत सरकार के इसी फैसले के तहत चीन से लौट रहे सभी भारतीयों को भारत तिब्बत सीमा पुलिस(आईटीबीपी) की बाहरी दिल्ली स्थित छावला की एक इमारत और हरियाणा के मानेसर में इंडियन आर्म फोर्स मेडिकल सर्विसेज के भवन में रखा गया है.

जंहा इस बात का पता चला है कि कोरोना वायरस का सबसे अधिक संक्रमण चीन के वुहान प्रांत में फैला है. वुहान से कोरोना वायरस का यह संक्रमण अब चीन के 30 अलग-अलग राज्यों में फैल चुका है. वुहान ही चीन का वह राज्य है, जहां अधिकांश भारतीय छात्र व अन्य नागरिक फंसे हुए हैं. शनिवार को स्वदेश लौटे अधिकांश भारतीयों में सबसे ज्यादा संख्या छात्रों की ही है.

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