मैंने माटी के ढेले ढेले पूजे

मैंने माटी के ढेले ढेले पूजे

िन्होंने थामें थे हाथ मेरे
वही लूट ले गए ख्वाब मेरे
मैंने माटी के ढेले ढेले पूजे
और मुकद्दर आये खाक मेरे