वीडियो : सिंहस्थ 2016, आस्था के रंग में नहाया उज्जैन, पांच करोड़ लोगों के पहुंचने का अनुमान

Apr 22 2016 10:37 AM

उज्जैन : आज मध्यप्रदेश का धार्मिक पर्यटन नगर करोड़ों लोगों की श्रद्धा का प्रतीक बन गया। लाखों श्रद्धालुओं ने शिप्रा-नर्मदा के संगम पर नदी के विभिन्न घाटों पर डुबकी लगाकर पुण्य कमाया। यही नहीं इस पुण्य लाभ में साधु - संत भी शामिल हुए। विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक मेला सिंहस्थ महापर्व यूं तो 21 अप्रैल और 22 अप्रैल की दरमियानी रात को ही प्रारंभ हो गया था। घड़ी के बारह बजत ही श्रद्धालुओं ने पवित्र नदी में डुबकी लगाना प्रारंभ कर लिया। सिंहस्थ के शुरूआती दिन कांग्रेस महासचिव और मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने भी गौघाट पर स्नान किया। 

दूसरी ओर विभिन्न अखाड़ों द्वारा प्रातः 6 बजे से सिंहस्थ के शाही पर्व का स्नान प्रारंभ किया गया। बड़े पैमाने पर बड़ा उदासीन, महानिर्वाणि आदि अखाड़ों के साधु - संतों ने स्नान किया। सिंहस्थ में पहली बार किन्नर और महिला अखाड़ों के संतों ने स्नान कर पुण्य लाभ लिया। सुबह के समय विभिन्न अखाड़ों के संतों द्वारा डुबकी लगाने के ही साथ सिंहस्थ महापर्व का प्रारंभ  हुआ।

ऐसे में महिलाओं के अखाड़े परी अखाड़े की साध्वियों ने भी स्नान किया। कुछ युवा और साध्वी जीवन में नई आईं साध्वियों ने भी संत जीवन का आनंद लिया। उन्होंने पानी में उतरते ही कुछ हल्की ठंडक का अनुभव किया। इस दौरान दत्त अखाड़ा घाट और श्री राम घाट पर संतों ने शाही स्नान किया। अभी भी कई संत और साधुओं द्वारा स्नान किया जा रहा है।

सिंहस्थ महापर्व में देश के चार प्रमुख पीठों के शंकराचार्यों में से एक पहले शाही स्नान में शामिल नहीं हो रहे हैं। इसका प्रमुख कारण यह है कि सिंहस्थ में वे देरी से पहुंचेंगे। वे मई माह में सिंहस्थ में शामिल होंगे। पर्व का अगला पर्व स्नान 6 मई को होगा जबकि अगला शाही स्नान 9 मई को होगा।

एक माह तक चलने वाले कुंभ मेले के लिए उज्जैन पूरी तरह तैयार है। इस दौरान साधु संतों सहित करीब पांच करोड़ लोगों के उज्जैन पहुंचने का अनुमान है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि यह ‘हरित सिंहस्थ’ होगा।