महबूब की बाहो में

महबूब की बाहो में

क्या कहु यारो

दिलरुबा की बाहो में कितना मजा आया

वाह वाह

दिलरुबा की बाहो में कितना मजा आया

फिर क्या हुआ?

फिर पत्नी ने देख लिया और अस्पताल में होश आया

में मर जाऊ तो मेरी कब्र पर फूल चढ़ाने मत आना।

ना ही हाथो में कोई चिराग लाना।

मदहोश हु में तेरी यादो में।

जब भी आओ हाथो में आर एस का खम्बा और। एक गिलास साथ लाना।