अब कृत्रिम तरीके से बारिश कराएगी महाराष्ट्र सरकार

मुंबई​ : मौसम वैज्ञानिको द्वारा इस साल कम बारिश की आशंका को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार पानी की कमी को पूरा करने के लिए 'क्लाउड सीडिंग' जैसे कृत्रिम तरीके को अपनाने पर विचार कर रही है। महाराष्ट्र के राहत एवं पुनर्वास विभाग के सचिव केएच गोविंदराज ने बताया कि, कम बारिश ओर सूखा पड़ने के कारण किसानॉन द्वारा आत्म हत्या कि समस्या बढती ही जा रही है। इस वर्ष कम बारिश के अनुमान के चलते राज्य सरकार ने क्लाउड सीडिंग कराने के लिए ग्लोबल टेंडर आमंत्रित किए हैं ताकि जरूरत से कम बारिश होने पर हम उसके मुकाबले के लिए तैयार रहें। विदेशी कंपनियों की मदद भी ली जा सकती है।

महाराष्ट्र ऐसी कोशिश करने वाला देश का पहला राज्य है। क्लाउड सीडिंग बारिश कराने का कृत्रिम तरीका होता है। इसके प्लेन के जरिए ड्राई आइस जैसे पदार्थों को बादलों के बीच बिखेरा जाता है। बर्फ जैसे ठंडे पदार्थ के संपर्क में आने से हवा में मिला जलवाष्प (पानी से बना भाप) संघनित होता है और तब जलवाष्प पानी की बूंदों के रूप में जमीन पर गिरने लगता है। चीन में इस तरह से बारिश कराई जाती है।

केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन ने बताया कि, देश के उत्तर-पश्चिम इलाके जैसे दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान में कम बारिश का सबसे ज्यादा असर पड़ेगा। मौसम विभाग ने इस साल कम बारिश कम का कारण अल नीनो बताया है। इसका सबसे ज्यादा असर अच्छी बारिश वाले इलाकों में होता है। देश में 2009 में अल-नीनो के कारण 40 साल का सबसे बड़ा सूखा पड़ा था। पिछले 65 बरसों में 16 वर्ष अल नीनो की वजह से कम बारिश हुई है।

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