राज्य सरकार के खिलाफ विधायको का हंगामा, रोकना पड़ी कार्यवाही

महाराष्ट्र : किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे पर महाराष्ट्र विधानमंडल के दोनों सदनों में कांग्रेस और NCP के विधायकों ने बुधवार को भी लगातार दूसरे दिन हंगामा किया. विपक्ष ने विधान परिषद में कामकाज चलने नहीं दिया तो विधानसभा का कामकाज विपक्ष के बिना ही चलता रहा. विधानसभा की कार्यवाही 2 बार स्थगित होने के बाद कांग्रेस और NCP के विधायकों ने वाकआउट कर सदन के बाहर हो गए और विधान भवन की सीढ़ी पर बैठकर राज्य सरकार के खिलाफ कीर्तन करते रहे. सुबह 11 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरु हुई, विपक्षी सदस्यों ने किसानों के कर्ज माफी के मुद्दे को उठाया और हंगामा शुरु कर दिया. इस वजह से सदन की कार्यवाही 10-10 मिनट के लिए 2 बार रोकना करनी पड़ी.

सदन की कार्यवाही दोबारा शुरु होने के बाद विपक्षी सदस्यों ने फिर से हंगामा शुरु कर दिया. जवाब में सत्ता पक्ष के विधायक भी अपनी सीटों से उठ कर सामने आ गए और दोनों तरफ से नारेबाजी होने लगी. विपक्ष के नेता राधाकृष्ण विखे-पाटिल ने देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य में प्रतिदिन 10 किसान आत्महत्या कर रहे हैं. बावजूद इसके किसान के कर्ज माफी को लेकर सरकार का रुख नकारात्मक है. 

उन्होंने कहा कि वर्धा के दस किसानों ने स्वेच्छा मृत्यु की इजाजत राज्य सरकार से मांगी है. फिर भी सरकार की चेतना नहीं जाग रही है. विखे-पाटील ने आरोप लगाया कि इस सरकार के पास व्यापारियों के लिए पैसे हैं लेकिन किसानों के लिए नहीं. इसलिए हम सदन के कामकाज का बहिष्कार कर रहे हैं. इसके बाद कांग्रेस-राकांपा के सदस्यों ने विधान भवन की सीढि़यों पर बैठकर कीर्तन करने लगे. कांग्रेस-NCP के विधायक अपने साथ झांझ लेकर आए थे. विपक्ष के सदस्यों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की.

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