सावन के महीने में महाकाल मंदिर जाने से पहले जरूर जान ले गाइडलाइंस

उज्जैन: सावन का महीना 25 जुलाई से शुरू होने जा रहा है ऐसे में लोग बड़ी संख्या में महाकाल के दर्शन के लिए बेताब हो उठे हैं। इसी बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए अब बुकिंग की संख्या बढ़ा दी गई है। जी हाँ और अब रोजाना 5000 श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे। आपको बता दें कि पहले यह संख्या 3500 थी। वहीं इसके लिए ऑनलाइन बुकिंग जरूरी होगी। आपको बता दें कि प्रशासन ने इसकी गाइडलाइन जारी कर दी है। सावन के महीने में हर सोमवार सुबह 11 बजे के बाद दर्शनों पर पाबंदी रहेगी। वहीं भस्म आरती में श्रद्धालुओं पर लगा प्रतिबंध इस बार भी जारी रहेगा।

यह निर्णय शुक्रवार को कलेक्टर ने लिया है। सावन के महीने की शुरुआत 25 जुलाई से होने जा रही है। वहीं अगले ही दिन 26 जुलाई को पहला सोमवार होने वाला है। इसी के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा महाकाल के दर्शनों के लिए उज्जैन पहुंचने को हैं। यह सब देखते हुए बीते शुक्रवार को कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी और एडीएम समेत अफसरों ने मंदिर का जायजा लिया। इसी के साथ ही, तैयारियों के साथ निकलने वाली महाकाल की सवारी मार्ग को भी देखा। कलेक्टर ने कहा, 'मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या को बढ़ाकर 5000 किया गया है।

इसी के साथ 250 की रसीद से दर्शन करने वाले श्रद्धालु की संख्या को सीमित नहीं किया गया है। वहीं उन्होंने कहा श्रावण-भादौ में महाकाल की सवारी छोटे रूट से ही निकाली जाएगी और इसमें श्रद्धालुओं का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। आगे कलेक्टर आशीष सिंह ने यह भी बताया कि बाबा महाकाल की पहली सवारी 26 जुलाई सोमवार को मंदिर के मुख्य द्वार से शाम 5 बजे रवाना होगी। सवारी बड़ा गणेश मंदिर के सामने से हरसिद्धि मंदिर के पास से रामघाट पहुंचेगी। वहीं वापसी में हरसिद्धि की पाल, हरसिद्धि मंदिर के सामने से बड़ा गणेश के सामने से होकर मंदिर में पहुंचेगी। प्रति सोमवार को सवारी निकलने के कारण सुबह 11 बजे बाद से दर्शन व्यवस्था बंद रखने का निर्णय लिया है।

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