माघ पूर्णिमा पर होती है अमृत वर्षा

आप सभी को बता दें कि हिन्दू धर्म में माघ माह की पूर्णिमा तिथि को बहुत पवित्र बताया गया है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु गंगाजल में निवास करते हैं. कहा जाता है इस दिन भगवान विष्णु का पूजन, पितरों का श्राद्ध और गरीबों को दान करने से लाभ होता है और माघ पूर्णिमा पर चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से शोभायमान माने जाते हैं. कहते हैं इस दिन पूर्ण चंद्र अमृत वर्षा करने वाले माने जाते हैं और माघ पूर्णिमा पर स्नान-दान करने से दोषों से मुक्ति मिल जाती है.

कहा जाता है माघ पूर्णिमा पर सूर्योदय से पूर्व जल में भगवान का तेज रहता है जो पापों का नाश कर देता हैं. इसी के साथ ऐसा भी माना जाता है कि इस पावन दिवस पर गंगाजल का स्पर्शमात्र भी स्वर्ग की प्राप्ति देने वाला माना जाता है. वहीं ग्रंथों में नारायण को पाने का आसान रास्ता माघ पूर्णिमा के पुण्य स्नान को बताया गया है और इस दिन सुबह पवित्र नदी में स्नान करना चाहिए.

जी हाँ, वहीं इस दिन भगवान शिव की भी आराधना करना शुभ माना जाता है. कहते हैं इस दिन तिल, कंबल, पुस्तक, पंचांग, वस्त्र, घी अन्न का दान करना चाहिए और माघ पूर्णिमा पर काले तिल का विशेष रूप से दान शुभ माना गया है. वहीं माघ पूर्णिमा के अवसर पर भगवान सत्यनारायण की कथा करते हैं और भगवान सत्यनारायण की पूजा के लिए दूध, शहद, केला, गंगाजल, तुलसी, मेवा मिलाकर पंचामृत तैयार कर आटे को भून कर उसमें चीनी मिलाकर चूरमे का प्रसाद बनाकर बांटना चाहिए.

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